भोपाल। मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने रिकॉर्डतोड़ कार्रवाई की है। प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (PTRI) के नेतृत्व में 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक चले 15 दिवसीय विशेष सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 5,253 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त (कैंसिल) कर दिए गए हैं।
हेलमेट न पहनने वालों पर टूटी आफत, 98 हजार चालान
अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस का सबसे ज्यादा फोकस दोपहिया वाहन चालकों पर रहा। पूरे प्रदेश में बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए रिकॉर्ड 98 हजार चालान काटे गए। इस बड़ी चालानी कार्रवाई से पुलिस ने वाहन चालकों की जेब से 2.87 करोड़ रुपये से अधिक का समन शुल्क (जुर्माना) वसूला है।
बॉडी वार्न कैमरों से लैस टीमों ने की अचानक चेकिंग
प्रदेश के बड़े महानगरों जैसे भोपाल, इंदौर और ग्वालियर सहित कई संवेदनशील जिलों में हेलमेट और सीटबेल्ट की चेकिंग के लिए करीब 20 विशेष टीमें गठित की गई थीं। ये टीमें शहर के विभिन्न चौराहों और मुख्य मार्गों पर अचानक मुस्तैद होकर चेकिंग कर रही थीं। चेकिंग के दौरान वाहन चालकों और पुलिस के बीच अक्सर होने वाले विवादों और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए इस बार चेकिंग टीमों को 'बॉडी वार्न कैमरों' (वर्दी पर लगे कैमरे) से लैस किया गया था। नियमों का गंभीर उल्लंघन करने वाले कई लोगों के लाइसेंस मौके पर ही जब्त कर उन्हें सस्पेंड भी कराया गया।
सड़क हादसों में मौत का सबसे बड़ा कारण
एनसीआरबी (NCRB) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में से 75 प्रतिशत मौतें केवल हेलमेट न पहनने की वजह से होती हैं। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में मध्यप्रदेश में कुल 55,711 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जिनमें 16,831 लोगों ने अपनी जान गंवाई। जांच में सामने आया कि इन मौतों के पीछे सीटबेल्ट और हेलमेट का इस्तेमाल न करना सबसे बड़ा कारण था, जिसके बाद पुलिस मुख्यालय ने इस विशेष चेकिंग अभियान की रूपरेखा तैयार की।
सर्वर बदलने के कारण 'वाहन' और 'सारथी' पोर्टल ठप
एक तरफ जहाँ पुलिस की सख्ती जारी है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता और वाहन डीलर एक नई मुसीबत से जूझ रहे हैं। प्रदेशभर में पिछले 6 दिनों से परिवहन विभाग के मुख्य डिजिटल प्लेटफॉर्म 'वाहन' और 'सारथी' पोर्टल पूरी तरह ठप पड़े हैं। इस तकनीकी खराबी के चलते नए वाहनों के रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, परमिट, ट्रांसफर और फाइनेंस हटाने जैसे काम पूरी तरह रुक गए हैं।
इसके साथ ही 'सारथी' पोर्टल बंद होने से लर्निंग लाइसेंस, पक्के ड्राइविंग लाइसेंस और रिन्यूअल की प्रक्रिया भी अटक गई है। काम न होने से परेशान वाहन डीलरों को डर सता रहा है कि समय पर रजिस्ट्रेशन न होने के कारण उन्हें 7 दिन बाद लगने वाली पेनाल्टी का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, पूरे प्रदेश में इन दोनों पोर्टल्स का सर्वर बदलने (अपग्रेडेशन) का काम चल रहा है, जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है और इसे जल्द ही ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

