भोपाल, जीतेन्द्र यादव। विधानसभा में विपक्षी दलों के वॉकआउट के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार के शासकीय संकल्प पर तीखा हमला बोला है। सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण को तुरंत लागू करने के बजाय परिसीमन की आड़ में इसे भविष्य के लिए टालना चाहती है।


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा के प्रस्ताव से यह स्पष्ट है कि आरक्षण साल 2028-29 के बाद ही प्रभावी होगा। उन्होंने इसे महिलाओं के साथ छलावा बताते हुए कहा कि सरकार की मंशा उन्हें तत्काल लाभ देने की नहीं है। सिंघार ने विपक्ष की ओर से पुरजोर मांग रखी कि वर्तमान सीटों के आधार पर ही विधानसभा और लोकसभा में महिला आरक्षण को तुरंत लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि परिसीमन की शर्त जोड़ना केवल समय काटने की एक रणनीति है।