वंटा (फिनलैंड), 8 अक्टूबर । भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु गुरुवार को जापान की रिको गुंजी को 21-15, 21-15 से मात देकर क्वार्टर-फाइनल में पहुंच गई हैं। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट ने यह मुकाबला 49 मिनट में अपने नाम किया। अब क्वार्टर-फाइनल में उनका मुकाबला शीर्ष वरीयता प्राप्त और थाईलैंड की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन रत्चानोक इंतानोन से होगा।
इस क्वार्टर-फाइनल मुकाबले से विमेंस बैडमिंटन सर्किट की एक पुरानी प्रतिद्वंद्विता फिर से देखने को मिलेगी, हालांकि दोनों खिलाड़ियों का आमना-सामना साल 2022 के बाद से नहीं हुआ है। 'हेड-टू-हेड' रिकॉर्ड में इंतानोन 9-4 से आगे हैं और उन्होंने पिछले पांच मुकाबले जीते हैं। दोनों की पिछली भिड़ंत साल 2022 में इंडोनेशिया मास्टर्स में हुई थी, जिसमें थाई खिलाड़ी ने सीधे गेम में जीत हासिल की।
सिंधु को अपने शानदार 2026 अभियान से आत्मविश्वास मिलेगा, जिसके तहत उन्होंने 'जापान ओपन सुपर 750' का खिताब जीता है। उन्होंने जुलाई में फाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को हराकर अपने हालिया करियर का सबसे बड़ा खिताब जीता था।
इंतानोन को भी इस सीजन में सफलता मिली है; उन्होंने मई में फाइनल में चीन की चेन युफेई को मात देकर मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 का खिताब जीता। थाई खिलाड़ी ने तन्वी शर्मा को 21-18, 21-7 से मात देकर क्वार्टर-फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की।
तन्वी पहले गेम में ज्यादातर समय शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी के बराबर बनी रहीं, उन्होंने 17-17 से बराबरी भी की, लेकिन इंतानोन ने गेम के आखिर में अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए पहला गेम जीत लिया। दूसरा गेम एकतरफा रहा, जिसमें थाई खिलाड़ी ने लगातार सात अंक हासिल करके 9-2 की बढ़त बना ली और फिर आसानी से मुकाबला जीत लिया। इस बीच, सिंधु को गुंजी के खिलाफ दो कड़े मुकाबलों से गुजरना पड़ा, लेकिन दबाव बढ़ने पर उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ बैडमिंटन खेला।
पहला गेम 15-15 की बराबरी पर था, जिसके बाद सिंधु ने लगातार छह अंक हासिल किए। दूसरे गेम में भी गुंजी ने कड़ी टक्कर दी और स्कोर 13-13 से बराबर कर लिया, लेकिन सिंधु ने अगले 10 में से आठ अंक जीतकर अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की कर ली।
वहीं, भारत के थारुन मन्नेपल्ली को फ्रांस के दूसरे वरीयता प्राप्त खिलाड़ी क्रिस्टो पोपोव के हाथों 14-21, 19-21 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके साथ भारत का मेंस सिंगल्स अभियान समाप्त हो गया। किदांबी श्रीकांत, एचएस प्रणॉय और रौनक चौहान भी पहले दौर में हारकर बाहर हो चुके हैं, जिससे सुपर 500 टूर्नामेंट में भारत का कोई भी पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी नहीं बचा।
हालांकि, भारत की मेंस डबल्स की उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं। कृष्णा प्रसाद गरागा और पृथ्वी कृष्णमूर्ति रॉय राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड के ओलिवर बटलर और सैमुअल जोन्स का सामना करेंगे।











