बागेश्वर महाराज ने रुद्र चंडी महायज्ञ में डाली आहुति, दाती महाराज के साथ की एकांत चर्चा

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डबरा, रोहित पाठक। डबरा में नवग्रह स्थापना के पावन अवसर पर आयोजित श्री हनुमंत कथा के तीसरे और अंतिम दिन आध्यात्मिक ऊर्जा अपने चरम पर रही। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नवनिर्मित नवग्रह मंदिर के दर्शन किए और परिसर में चल रहे रुद्र चंडी महायज्ञ में सम्मिलित हुए। आचार्य अतुल दुबे के अनुसार, शनि धाम के महंत दांती जी महाराज के सान्निध्य में यह भव्य महायज्ञ पिछले 9 दिनों से अनवरत चल रहा है। आज यज्ञ के विशेष सत्र में बागेश्वर महाराज ने मंत्रोच्चार के बीच विधिवत आहुतियां अर्पित कर लोक कल्याण की कामना की।
दो प्रखर संतों के बीच वैचारिक विमर्श
यज्ञ शाला में आहुति डालने के पश्चात संतों के बीच आत्मीय मिलन का दृश्य भी देखने को मिला। दांती जी महाराज ने बागेश्वर महाराज का शॉल ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। इसके उपरांत, दोनों संतों ने कुटिया में काफी समय तक एकांत वार्ता की। हालांकि इस मुलाकात के विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन दो बड़े आध्यात्मिक व्यक्तित्वों के बीच हुई इस चर्चा को सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नरोत्तम मिश्रा सहित हजारों की भीड़ रही मौजूद
कथा के विश्राम दिवस और महायज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर डबरा में जनसमुदाय का भारी जमावड़ा रहा। इस धार्मिक आयोजन में प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी शामिल हुए और महाराज श्री का आशीर्वाद लिया। 'जय श्री राम' और 'बागेश्वर धाम की जय' के उद्घोष से पूरा पंडाल गुंजायमान रहा। कथा के विराम पर भक्तों को संबोधित करते हुए महाराज श्री ने नवग्रह स्थापना और इस महायज्ञ को क्षेत्र की सुख-समृद्धि का आधार बताया।


