भोपाल। मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी और तीखी खबर सामने आ रही है। प्रदेश के मुख्य सचिव (CS) अनुराग जैन ने कड़े तेवर दिखाते हुए राज्य के सभी जिला कलेक्टरों और कमिश्नरों की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंशानुरूप सुशासन को जमीन पर उतारने के लिए आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए कलेक्ट्रेट-कमिश्नर संवाद में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अनुशासन और विषय की जानकारी मजबूत रखने की सख्त नसीहत दी है। बैठक में वरिष्ठ पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) वर्चुअली जुड़े हुए थे।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अनुशासन को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में हिदायत देते हुए कहा कि जब भी कोई वरिष्ठ अधिकारी आपसे बात कर रहा हो या महत्वपूर्ण समीक्षा चल रही हो, तो अपने मोबाइल फोन को खुद से दूर रखें या उसे स्विच ऑफ कर दें। संवाद के दौरान मोबाइल का उपयोग प्रशासनिक शिष्टाचार और अनुशासन के खिलाफ है।
इंदौर के मामले पर बिफरे मुख्य सचिव, कहा- विषय पर फोकस कमजोर
समीक्षा बैठक के दौरान उस समय स्थिति असहज हो गई जब इंदौर जिले के एक महत्वपूर्ण कार्य की प्रगति की चर्चा चल रही थी। चर्चा के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी में बड़ी गड़बड़ी और तथ्यों की कमी पाई गई, जिस पर मुख्य सचिव भड़क गए और उन्होंने मौके पर ही फटकार लगा दी।
तल्ख टिप्पणी: मुख्य सचिव ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, "आजकल कई कलेक्टरों का अपने प्रशासनिक विषयों और मैदानी काम पर फोकस बेहद कमजोर दिखाई देता है। सिर्फ बड़े और कठिन एग्जाम पास कर लेना ही काफी नहीं होता, फील्ड में आने के बाद आपको अपने विभाग और विषय का पूरा जमीनी ज्ञान होना भी उतना ही जरूरी है।"
पॉक्सो एक्ट में एक महीने में चार्जशीट और मास्टर प्लान तेज करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने मैदानी समीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और लोक कल्याणकारी योजनाओं को लेकर कई कड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं:
- पॉक्सो एक्ट में त्वरित कार्रवाई: बच्चों के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पॉक्सो (POCSO) से जुड़े सभी आपराधिक मामलों में घटना के एक माह के भीतर हर हाल में कोर्ट में चार्जशीट (आरोप पत्र) पेश करने का लक्ष्य रखा जाना संभावित है, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।
- निवेश और मास्टर प्लान: सभी जिलों के कलेक्टरों को अपने-अपने क्षेत्रों में औद्योगिक विकास, नए निवेश को आकर्षित करने और शहरों के मास्टर प्लान पर कड़ाई व तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए।
- बुनियादी सामाजिक मुद्दे: बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, कुपोषण के कलंक को मिटाने और शासकीय स्कूलों में बच्चों का शत-प्रतिशत (100%) नामांकन सुनिश्चित करने पर विशेष फोकस करने को कहा गया।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अंत में स्पष्ट किया कि 'सीएम हेल्पलाइन' (CM Helpline) और 'लोक सेवा गारंटी अधिनियम' के तहत आने वाले आवेदनों का समय सीमा में निराकरण ही सुशासन की असली कसौटी है। इसके जरिए आम जनता को बिना किसी परेशानी के बेहतर और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था दी जा सकती है, जिसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

