भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन दिनों प्रदेश की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए मैदानी मोर्चे पर नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को मुख्यमंत्री ने खरगोन जिले की मंडलेश्वर तहसील के कतरगांव और शाजापुर जिले के ग्राम मकोड़ी में गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने न केवल उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि किसानों के बीच बैठकर उनके साथ चाय पी और उनकी समस्याओं को भी सुना। उन्होंने कलेक्टर और मंडी सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन से संबंधित सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए और अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कतरगांव में कृषक सुरेश पाटीदार की 55 क्विंटल गेहूं की खरीदी के बाद ई-उपार्जन पोर्टल पर स्वयं ऑनलाइन रसीद जनरेट करवाई और उन्हें 1 लाख 44 हजार 374 रुपये का भुगतान प्राप्ति पत्र सौंपा।


मुख्यमंत्री ने बुधवार को महेश्वर में रात्रि विश्राम किया था, जिसके बाद आज खरगोन के कतरगांव में निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि खरीदी केंद्रों पर पूरे 6 तौल कांटे लगाए जाएं ताकि तुलाई कार्य निरंतर चलता रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि गेहूं खरीदी के नए मापदंडों को तत्काल लागू किया जाए और किसानों के लिए केंद्रों पर पर्याप्त छाया, टेंट, बैठक और शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक अन्नदाता को सम्मान और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने उपार्जन प्रक्रिया में आने वाली किसी भी समस्या का त्वरित निराकरण करने और केंद्रों पर बारदाने, सिलाई मशीन और कंप्यूटर ऑपरेटर जैसी बुनियादी सुविधाएं हमेशा उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।


कतरगांव में मुख्यमंत्री का एक आत्मीय अंदाज भी देखने को मिला, जहाँ उन्होंने किसान व पशुपालक भागीरथ मालवीय तथा अन्य किसानों के साथ चर्चा करते हुए चाय पी। उन्होंने किसानों से स्लॉट बुकिंग और भुगतान प्रक्रिया के बारे में फीडबैक लिया और उनसे पशुपालन व डेयरी विकास जैसे विषयों पर भी संवाद किया। इसके बाद शाजापुर जिले के ग्राम मकोड़ी में मुख्यमंत्री ने श्यामा गेहूं उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जहाँ वे स्वयं ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़ गए और किसानों से उनकी उपज की जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद कृषक दीपक और राहुल से बातचीत की और तौल की मात्रा को अपने समक्ष तुलवाकर भी देखा।


किसानों को एक बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि गेहूं उपार्जन की अवधि को 9 मई 2026 से बढ़ाकर अब 23 मई 2026 कर दिया गया है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जरूरत पड़ने पर इस अवधि को आगे भी बढ़ाया जाएगा और उनकी उपज का एक-एक दाना सरकार द्वारा खरीदा जाएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने बारदानों पर छपाई कर रही स्व-सहायता समूह की महिला संगीता बाई से भी संवाद किया और लाडली बहना योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री इंदर सिंह परमार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।