मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। जिले में पुलिस ने चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली पारदी गैंग का खुलासा किया है। पिपलियामंडी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गैंग के दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन विधि विरुद्ध बालकों को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दिन में मोटरसाइकिल से घूमकर सोलर पावर प्लांट, गोदाम, दुकान और सूने मकानों की रेकी करते थे और रात होते ही मौका देखकर वारदात को अंजाम देते थे। गैंग की खास नजर तांबे की केबल और बर्तनों पर रहती थी। चोरी की गई महंगी केबल को जलाकर उससे तांबा निकाला जाता था और फिर इसे मंदसौर और नीमच में कम कीमत पर बेच दिया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 18 किलो तांबा, करीब 2 लाख रुपये कीमत के तांबे के पुराने बर्तन और अन्य सामान के साथ वारदात में इस्तेमाल तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। जब्त मशरुका की कुल कीमत करीब 6 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के तीन और वायडीनगर थाना क्षेत्र के चार, यानी कुल सात चोरी के मामलों में वारदात करना स्वीकार किया है। मामला तब सामने आया जब 8 जुलाई को बोतलगंज स्थित सोलर पावर प्लांट से करीब तीन लाख रुपये कीमत की केबल चोरी होने की शिकायत पुलिस को मिली थी। इसके बाद 7 अक्टूबर को पिपलियामंडी के फाटक मोहल्ले में बर्तन गोदाम की दीवार तोड़कर तांबे के बर्तन चोरी किए गए। दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिरों को सक्रिय किया और साइबर सेल की मदद ली। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर मालखेड़ा निवासी महेंद्र सिंह पारदी और सुवासरा निवासी गोलू पारदी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने पिपलियामंडी के साथ वायडीनगर क्षेत्र में सोलर प्लांट से केबल चोरी की अन्य वारदातों का भी खुलासा किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी का सामान कहां-कहां बेचा गया और इस गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या है। खास बात यह भी सामने आई है कि आरोपी वारदातों में नाबालिगों को भी साथ रखते थे और चंद मिनटों में चोरी कर मौके से फरार हो जाते थे। पुलिस की इस कार्रवाई को संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ अहम सफलता माना जा रहा है।














