कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ के जिला अस्पताल में एक महिला जहाँ अपने पति की जान बचाने के लिए बदहवास थी, वहीं व्यवस्था की संवेदनहीनता देखिए कि उससे एम्बुलेंस साफ करवाई गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और 108 आपातकालीन सेवाओं की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


पति की 'उल्टी' साफ करने को किया मजबूर

मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात बरही क्षेत्र के रहने वाले एक 32 वर्षीय युवक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें 108 एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल लाया जा रहा था। रास्ते में घायल युवक की हालत बिगड़ने के कारण उसे उल्टियां हुईं, जिससे एम्बुलेंस का फर्श गंदा हो गया। अस्पताल पहुँचते ही घायल को तो इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया, लेकिन एम्बुलेंस कर्मचारी ने बाहर खड़ी उसकी पत्नी को गाड़ी साफ करने का आदेश दे दिया।


मजबूरी की तस्वीर वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि महिला अपने आंसुओं को पोंछते हुए एम्बुलेंस पर पानी डालकर उसे धो रही है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के पूछने पर महिला ने सिसकते हुए बताया कि एम्बुलेंस कर्मचारी के कहने पर ही वह यह काम कर रही है। एक तरफ वार्ड के अंदर उसका पति मौत से जंग लड़ रहा था और दूसरी तरफ बाहर वह कर्मचारी की दबंगई और अपनी मजबूरी के आगे बेबस थी।


प्रबंधन ने दिए जांच के आदेश

इस शर्मनाक घटना के बाद जिला अस्पताल प्रबंधन बचाव की मुद्रा में है। सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा है कि किसी भी स्थिति में मरीज के परिजनों से वाहन साफ करवाना गलत है। वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित एम्बुलेंस कर्मचारी की पहचान की जा रही है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।


बार-बार उठते सवाल

यह पहली बार नहीं है जब मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में इस तरह की अमानवीयता देखने को मिली है। सवाल यह उठता है कि क्या एम्बुलेंस के रखरखाव और सफाई की जिम्मेदारी अब पीड़ित परिवारों की है? जिस समय महिला को अपने पति के पास होना चाहिए था और मानसिक संबल की जरूरत थी, उस समय उसे सफाई कर्मचारी बना दिया गया।