बमीठा,अशोक नामदेव। जिले के बमीठा थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा जब उन्हें समय पर एफआईआर की प्रति नहीं मिली। जानकारी के अनुसार 21 तारीख की रात महेश, जितेन्द्र और रवि अहिरवार, हरदयाल अहिरवार की दुकान पर पेप्सी लेने पहुंचे थे। इसी दौरान हरदयाल का मोबाइल कथित रूप से ये युवक अपने साथ ले गए और खदान किनारे बैठ गए। कुछ देर बाद हरदयाल को फोन आने पर युवकों ने मोबाइल अपने पास होने की बात कही। इसी बीच मोटरसाइकिल से पहुंचे 5-6 लोगों ने मुकेश को पकड़कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। मौके का फायदा उठाकर जितेन्द्र और रवि वहां से भाग निकले, जबकि मुकेश को मारपीट के बाद रज्जू और उसके रिश्तेदार अपने साथ ले गए।


घटना के बाद 23 तारीख को मुकेश की मां तुलसिया बाई की शिकायत पर बमीठा पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। अगले दिन 24 तारीख को मुकेश का शव पाटक जी के कुएं में तैरता हुआ मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बावजूद उन्हें उसकी प्रति नहीं दी जा रही थी, जिससे नाराज होकर उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर चंद्रानगर चौकी के सामने शव रखकर एनएच-39 पर जाम लगा दिया।


करीब चार घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान यातायात पूरी तरह बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी, लेकिन परिजन एफआईआर की कॉपी मिलने की मांग पर अड़े रहे। अंततः जब परिजनों को एफआईआर की प्रति सौंपी गई, तब जाकर रात करीब 8 बजे जाम समाप्त किया गया और यातायात बहाल हो सका। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।