देवास/सतवास, हेमंत गुर्जर। देशभर में कृषि आदान विक्रेताओं की एक दिवसीय हड़ताल के आह्वान पर मध्यप्रदेश के देवास जिले के सतवास नगर में भी व्यापक असर देखने को मिला। सोमवार को क्षेत्र के खाद, बीज और कीटनाशक व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूरी तरह बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया और तहसील कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। एग्रो इनपुट संघ के बैनर तले एकजुट हुए विक्रेताओं ने राजस्व निरीक्षक जे.एस. चौहान को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई। व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान नीतियों और कंपनियों की मनमानी के कारण उनका व्यवसाय करना कठिन होता जा रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने प्रमुखता से खाद पर की जा रही जबरन लिंकिंग को बंद करने की मांग की है। विक्रेताओं ने बताया कि बड़ी कंपनियां यूरिया और डीएपी जैसे आवश्यक उर्वरकों के साथ अन्य अनावश्यक उत्पाद जबरन थोप देती हैं, जो बाजार में नहीं बिकते और उनका स्टॉक जाम हो जाता है। इसके अलावा, डीलर मार्जिन बढ़ाने, डिलीवरी व्यवस्था में सुधार करने, एक्सपायर्ड कीटनाशकों को वापस लेने की नीति बनाने और सैंपल फेल होने की स्थिति में केवल विक्रेता को दोषी न मानने की मांग रखी गई। व्यापारियों का तर्क है कि जब माल कंपनी से सीलबंद आता है, तो उसकी गुणवत्ता के लिए विक्रेता को जिम्मेदार ठहराना अनुचित है।
तहसील कार्यालय परिसर में व्यापारियों ने जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन से पहले व्यापारियों की एक बैठक आयोजित हुई, जिसमें संगठन की मजबूती पर चर्चा करते हुए राजेश होलानी को तहसील अध्यक्ष और विक्रम शर्मा को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। हड़ताल के कारण कृषि कार्य के लिए खाद-बीज लेने आए किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन संघ ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई उनके हितों की रक्षा के लिए जरूरी है।



