गुवाहाटी, 6 मई । असम के मंत्री पीयूष हजारिका ने बुधवार को कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को साफ तौर पर नकार दिया है, क्योंकि गौरव गोगोई 'मिया' समुदाय को आगे रखकर सत्ता में आना चाहते थे। पार्टी के नेता लोगों की भावनाओं को समझने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस अब असम में अपनी पहचान खो चुकी है और उसका जनाधार लगातार कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने चुनाव से पहले ही अति आत्मविश्वास दिखाना शुरू कर दिया था, जो उनकी हार की एक बड़ी वजह बना। उनके मुताबिक, कुछ कांग्रेस नेताओं ने यहां तक कह दिया था कि वे सत्ता में आने वाले हैं, लेकिन नतीजों ने उनकी उम्मीदों को पूरी तरह तोड़ दिया।
पीयूष हजारिका ने यह भी कहा कि कांग्रेस द्वारा 'न्यू ग्रेटर असम' जैसे नारों ने जनता के बीच भ्रम पैदा किया। लोगों को समझ नहीं आया कि इसका असल मतलब क्या है, क्योंकि असम पहले से ही अपनी पहचान रखता है। उनके अनुसार, इस तरह के नारे सिर्फ राजनीतिक भ्रम पैदा करने के लिए थे, जिन्हें जनता ने नकार दिया।
उन्होंने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि पार्टी राज्य में अब सिर्फ अल्पसंख्यक वोटों के सहारे जीवित है। मंत्री का कहना था कि अगर वोटिंग पैटर्न को ध्यान से देखा जाए, तो कई सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों को मुस्लिम समुदाय का बड़ा समर्थन मिला लेकिन फिर भी पार्टी को समग्र रूप से हार का सामना करना पड़ा।
इस बीच, बीजेपी खेमे में खुशी का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने राज्य भर में जश्न मनाया और इस जीत को मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि बताया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जनता ने विकास, स्थिरता और मजबूत शासन के नाम पर एक बार फिर भरोसा जताया है।
पीयूष हजारिका ने भी कहा कि यह जीत सिर्फ सीटों की संख्या नहीं है, बल्कि यह जनता के विश्वास का प्रतीक है। उनके मुताबिक, असम के लोगों ने विकास कार्यों और सरकार की नीतियों को देखते हुए बीजेपी को तीसरी बार मौका दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में सरकार और मजबूत होकर उभरी है और आने वाले समय में और भी बड़े फैसले लिए जाएंगे।
बता दें कि असम विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए ने शानदार प्रदर्शन किया है और 126 सीटों में से 82 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार कर लिया है। इस शानदार जीत के बाद, भाजपा असम में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए तैयार है। वहीं कांग्रेस को सिर्फ 19 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।

