छतरपुर। छतरपुर शहर के कारोबारी एवं होटल फोरसीजन के संचालक अनुराग मेहतों पर वर्ष 2022 में एक महिला के द्वारा दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मुकदमे में अदालती कार्रवाही जारी रहेगी। उल्लेखनीय है कि उन्होंने इस कार्रवाही से बचने के लिए हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर इस एफआईआर को निरस्त किए जाने की मांग की थी जिसे मप्र उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है।


हाईकोर्ट ने आपराधिक प्रकरण में आरोपी द्वारा दायर याचिका को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि प्रथम दृष्टया आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी। न्यायमूर्ति बी. पी. शर्मा की एकल पीठ ने आरोपी अनुराग मेहतों की उस अर्जी पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया, जिसमें उसने अपने विरुद्ध वर्ष 2022 में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। आरोपी पर आईपीसी की धारा 376, 506 और एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।


आरोपी अनुराग मेहतों की ओर से याचिका में तर्क दिया गया था कि एफआईआर दर्ज कराने में अत्यधिक देरी की गई है और घटना के समर्थन में कोई पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं, अत: उसे झूठा फंसाया गया है। हालांकि, न्यायालय ने इन दलीलों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने अपने महत्वपूर्ण अवलोकन में कहा कि एफआईआर में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया बेहद गंभीर और विचारणीय श्रेणी के हैं। माननीय न्यायमूर्ति ने स्पष्ट किया कि पीडि़ता द्वारा दिए गए बयानों और आरोपों को ट्रायल से पूर्व इस स्तर पर नकारा नहीं जा सकता। न्यायालय के इस आदेश के बाद अब आरोपी के विरुद्ध एफआईआर और उससे संबंधित सभी अदालती कार्यवाही विधि अनुसार निरंतर जारी रहेंगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अनुराग मेहतों ने उसे नौकरी का झांसा देकर अपने होटल में बुलाया और फिर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। इस मामले में पीडि़तों को कई दिनों तक गुमराह किया गया जिसके बाद पीडि़ता ने तस्वीरों और वीडियो के साक्ष्य सहित मुकदमा दर्ज कराया था।