ईरान में नागरिक अशांति और आंतरिक अस्थिरता ने भारत के बासमती चावल निर्यात को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (आईआरईएफ) के अनुसार भुगतान में देरी और अनुबंधों में अनिश्चितताएं निर्यातकों के लिए प्रमुख चुनौती बन गई हैं। बाजार आंकड़ों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में बासमती की प्रमुख किस्मों की कीमतें गिर गई हैं। किस्म-1121 85 से 80 रुपए प्रति किलोग्राम पर आई, जबकि 1509 और 1718 किस्म 70 से 65 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई। गिरती कीमतें खरीदारों की झिझक, भुगतान में देरी और निर्यात जोखिमों की चिंता को दर्शाती हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-नवंबर में भारत ने ईरान को 5.99 लाख टन बासमती चावल का निर्यात किया, जिसकी कीमत 468.10 मिलियन डॉलर रही। अमेरिका के साथ व्यापार पर पहले ही 50 फीसदी शुल्क है और हालिया संकेतों के अनुसार 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। हालांकि, वैश्विक बाजार में भारतीय बासमती की स्थिति मजबूत बनी हुई है। आईआरईएफ ने निर्यातकों से ईरानी अनुबंधों पर जोखिम का पुनर्मूल्यांकन करने और सुरक्षित भुगतान अपनाने का आग्रह किया है। संगठन ने वैकल्पिक बाजारों जैसे पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरोप में अवसर तलाशने की सलाह दी। आईआरईएफ ने स्पष्ट किया कि यह चेतावनी नहीं बल्कि सावधानी बरतने का आग्रह है। ईरान में जारी अशांति और भू-राजनीतिक तनाव के कारण आने वाले हफ्तों में कीमतों, नकदी प्रवाह और व्यापारिक माहौल में और अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है। निर्यातकों और किसानों के लिए संतुलित और सतर्क दृष्टिकोण अब आवश्यक हो गया है।
ईरान में अशांति से प्रभावित हो रहा भारत का बासमती चावल निर्यात

PeptechTime
13 जनवरी 2026, 11:16 am IST
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