तेहरान। ईरान ने शनिवार को एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने की घोषणा की। ईरान ने इस कदम के पीछे अमेरिका और इजरायल पर हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने युद्धविराम समझौते की पहली शर्त का "स्पष्ट उल्लंघन" किया है। साथ ही दक्षिणी लेबनान में जारी सैन्य गतिविधियों को भी समझौते का उल्लंघन बताया गया है।

मुख्यालय ने कहा कि अमेरिका द्वारा युद्ध समाप्ति संबंधी एमओयू की पहली धारा का पालन न करने और लेबनान में इजरायल के हमलों को देखते हुए होर्मुज स्ट्रेट को सभी जहाजों की आवाजाही के लिए बंद किया जा रहा है।

गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच यह एमओयू 18 जून को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा डिजिटल माध्यम से हस्ताक्षरित किया गया था। इस समझौते के तहत ईरान, अमेरिका और उनके सहयोगी देशों के बीच सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने तथा भविष्य में बल प्रयोग या सैन्य धमकी से बचने की प्रतिबद्धता जताई गई थी।

इससे एक दिन पहले ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू किए थे, जिनके तहत सभी जहाजों को पहले से पंजीकरण कराना, अनुमति पत्र प्राप्त करना और बीमा संबंधी औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य किया गया था।

ईरान द्वारा स्थापित नई पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने इन नियमों की घोषणा की थी। यह संस्था अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के तहत रणनीतिक समुद्री मार्ग पर व्यावसायिक शिपिंग बहाल करने के लिए बनाई गई थी।

इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की समुद्री नाकेबंदी पूरी तरह समाप्त कर दी है और किसी भी जहाज की आवाजाही में बाधा नहीं डाली जा रही है। हालांकि, अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्र में मौजूद रहेंगे ताकि समझौते के सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।