पटना। पटना की एक अदालत ने शनिवार को फायरिंग मामले में फैसल खान उर्फ ​​खान सर को अंतरिम राहत दी। अदालत ने आदेश दिया कि अगले आदेश तक फैसल खान उर्फ ​​खान सर के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न की जाए। अदालत के इस निर्देश से फिलहाल खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है।

उनके स्टाफ के तीन सदस्यों को भी ऐसी ही राहत दी गई है; अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

शनिवार को सुनवाई के दौरान पटना पुलिस ने अदालत में केस डायरी पेश की। दस्तावेजों की समीक्षा के बाद अदालत ने खान सर को अगली सुनवाई की तारीख तक अंतरिम सुरक्षा दी। खान सर से जुड़े अन्य लोगों को भी सख्त कार्रवाई से सुरक्षा दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी।

खान सर के वकील अरविंद कुमार मौर्य ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस ने केस डायरी जमा कर दी है और इसे पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को सौंप दिया गया है। 23 जून तक उन्हें केस डायरी वापस करनी है। फाइनल सुनवाई 25 तारीख को होगी।

उन्होंने बताया कि आज दो गार्ड की नियमित जमानत और खान सर की अग्रिम जमानत के मामलों पर सुनवाई हुई। खान सर के वकील ने बताया कि अदालत ने अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी से सुरक्षा दी है और अब केस डायरी व रिकॉर्ड में रखे गए अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद मामले पर आगे विचार किया जाएगा।

इससे पहले खान सर ने फायरिंग की घटना के सिलसिले में अग्रिम जमानत के लिए पटना सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अपनी याचिका में उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि गोलीबारी की घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। याचिका में तर्क दिया गया कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है।

गौरतलब है कि जेल से रिहा होने के बाद रोशन आनंद ने आरोप लगाया कि उन्हें खत्म करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने खान सर पर अपने खिलाफ साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने प्रिंस यादव की हत्या में भी खान सर की संलिप्तता का आरोप लगाया।

बाद में रोशन आनंद ने खान सर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। जब मामला तुरंत दर्ज नहीं किया गया, तो उन्होंने पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था।