नई दिल्ली। जावेद अहमद किताब को जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह फैसला जेकेसीए के एपेक्स काउंसिल के सदस्यों ने मिलकर लिया। एपेक्स काउंसिल के आठ सदस्यों ने जावेद अहमद को पद से हटाने के फैसले का समर्थन किया। हालांकि, उन्हें किस वजह से पद से हटाया गया है इसके बार में कोई जानकारी नहीं दी गई है। जावेद अहमद ने अभी 35 दिन पहले ही अध्यक्ष पद संभाला था। इस फैसले के बाद एक बार फिर जेकेसीए विवादों में आ गया है। जावेद अहमद को पद से हटाने की अधिसूचना जेकेसीए के सचिव ने जारी की।

अधिसूचना में बताया गया है कि मामला अध्यक्ष के आचरण और उनके ही निलंबन से जु़ड़ा होने की वजह से यह प्रस्ताव जावेद अहमद को नहीं भेजा गया था। हालांकि, इस प्रस्ताव को बाकी 9 सदस्यों के पास भेजा गया, उनमें से 8 सदस्यों ने जावेद अहमद को पद से हटाने पर सहमति जताई। वहीं, एक सदस्य ने इस प्रस्ताव का कोई जवाब नहीं दिया। इसी कारण 8-0 के बहुमत से इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए जावेद अहमद को जेकेसीए के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फैसला लिया गया।

अधिसूचना में बताया गया कि जेकेसीए ने अपने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, जिला इकाइयों और अन्य पदाधिकारियों को इस फैसले को तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। गौरतलब है कि जावेद अहमद ने 22 मई को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद संभाला था।

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने पिछले कुछ समय में घरेलू क्रिकेट में कमाल का प्रदर्शन किया। पारस डोगरा की कप्तानी में टीम ने रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार खिताब को अपने नाम किया था। जम्मू-कश्मीर ने 67 साल का सूखा खत्म किया था। टीम ने फाइनल मुकाबले में कर्नाटक को पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर हराया था। जम्मू-कश्मीर की तरफ से तेज गेंदबाज आकिब नबी डार का प्रदर्शन लाजवाब रहा था और उन्होंने टूर्नामेंट में कुल 60 विकेट निकाले थे।