जबलपुर। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने गुरुवार को खण्डवा जिला न्यायालय में पदस्थ एक महिला मजिस्ट्रेट के साथ अभद्रता करके उन्हें चपरासी बोलने वाले वकील के बिना शर्त माफी मांगने पर उसके माफीनामा के मद्देनजर उसे क्रिमिनल कन्टेम्प्ट से बरी कर दिया।
साथ ही यह हिदायत भी दी कि वह भविष्य में इस तरह की गलती को न दोहराए। उस पर आरोप था कि खण्डवा में पदस्थ एक महिला मजिस्ट्रेट की अदालत में 22 अप्रैल 2025 को चेक बाउन्स से संबंधित मुकदमे की सुनवाई होना थी। उस मामले में बैंक मैनेजर की गवाही की बात पर वकील हृदयेश बाजपेयी नाराज हुए और उन्होंने अभद्रता करके महिला जज को चपरासी बोल दिया।
उल्लेखनीय है कि खण्डवा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा भेजे गए रेफ्रेंस के आधार पर खण्डवा के वकील हृदयेश बाजपेयी के खिलाफ हाईकोर्ट में आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज हुआ था। मामले पर गुरुवार को आगे हुई सुनवाई के दौरान वकील हृदयेश बाजपेयी ने कहा कि उन्होंने संबंधित जज के सामने हाजिर होकर माफी मांगी है। इस बारे में निचली अदालत से पेश किए गए दस्तावेज को देखकर डिवीजन बेंच ने मामले का निराकरण कर दिया।
वकील ने महिला जज से की गई अभद्रता पर हाईकोर्ट में मांगी माफी

Peptech Editor
28 नवंबर 2025, 11:09 am IST
Peptech Editor28 नवंबर 2025, 11:09 am IST
