नई दिल्ली। भारत का स्वदेशी फाइटर जेट एलसीए तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त नहीं हुआ है। यह आधिकारिक जानकारी सोमवार को सार्वजनिक की गई। हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने एलसीए तेजस से जुड़ी कुछ हालिया मीडिया रिपोर्ट्स पर स्पष्ट प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही है।
एचएएल का कहना है कि कुछ खबरों में तथ्यों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई है। कंपनी ने साफ किया है कि एलसीए तेजस विमान के किसी भी प्रकार के दुर्घटनाग्रस्त होने की कोई घटना नहीं हुई है। गौरतलब है कि एलसीए तेजस विमान का निर्माण एचएएल द्वारा किया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्टस में एलसीए तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की बात कही गई थी।
इस पर एचएएल का कहना है कि जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है वह उड़ान के दौरान नहीं, बल्कि जमीन पर घटित एक मामूली तकनीकी घटना थी। इसे नियमित रखरखाव और मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत तुरंत संभाल लिया गया। इस घटना से किसी प्रकार की बड़ी क्षति या जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
कंपनी का कहना है कि एलसीए तेजस दुनिया के समकालीन लड़ाकू विमानों में सर्वश्रेष्ठ सुरक्षा रिकॉर्ड रखने वाले विमानों में शामिल है। यह स्वदेशी लड़ाकू विमान अत्याधुनिक तकनीक, उन्नत एवियोनिक्स और सख्त सुरक्षा मानकों के लिए जाना जाता है। एचएएल ने यह भी बताया कि मानक प्रक्रिया के तहत तकनीकी पहलुओं का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। कंपनी इस मामले में भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि किसी भी संभावित तकनीकी समस्या का शीघ्र और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके। '
कंपनी ने अपील की है कि आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी भी प्रकार की अटकलें न लगाई जाएं और केवल प्रमाणित जानकारी ही प्रसारित की जाए। एचएएल ने दोहराया कि तेजस कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित, विश्वसनीय और देश की सामरिक क्षमता को मजबूत करने वाला है। इस स्पष्टीकरण के साथ एचएएल ने स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि एलसीए तेजस पूरी तरह सुरक्षित है और संचालन में कोई व्यवधान नहीं है।
इस वर्ष व बीते वर्ष रक्षा क्षेत्र में कई बड़े व प्रमुख अनुबंध हुए। इनमें 97 तेजस एलसीए एमके 1ए खरीद हेतु एचएएल के साथ अनुबंध भी शामिल है। वहीं, 17 अक्टूबर 2025 को रक्षा मंत्री ने एचएएल के नासिक परिसर में एलसीए एमके 1ए की तीसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया था। एलसीए एमके 1ए की वार्षिक उत्पादन क्षमता 24 विमानों तक पहुंच गई है। एलसीए तेजस के लिए अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) भारत के हिन्दुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को इंजन की सप्लाई कर रही है।
अमेरिकन कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक व एचएएल के बीच यह समझौता भारत के इस स्वदेशी लड़ाकू विमान के इंजन को लेकर है। समझौते के तहत भारत को 113 जेट इंजन सप्लाई किए जाएंगे। जेट इंजन की ये सप्लाई वर्ष 2032 तक पूरी होने की संभावना है। दुबई एयर शो 2025 में यह भारतीय लड़ाकू विमान एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में क्रैश हो गया था। इस हादसे के बाद एचएएल ने एक आधिकारिक स्पष्टीकरण पत्र जारी किया था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि यह घटना पूरी तरह से असाधारण परिस्थितियों में हुई एक एकाकी घटना है।

