भोपाल, जीतेन्द्र यादव/सुबोध त्रिपाठी। मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत आज जोरदार हंगामे के साथ हुई। जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा अपना सातवां बजट भाषण पढ़ने के लिए खड़े हुए, तो कांग्रेस विधायकों ने 'बढ़ते कर्ज' के मुद्दे पर विरोध शुरू कर दिया।


विपक्षी विधायक अपने हाथों में खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर सदन पहुँचे थे। उन्होंने तख्तियां लहराते हुए सरकार पर तंज कसा कि "जब राज्य का कर्ज बजट के आकार से भी ज्यादा हो चुका है, तो सरकार सब ठीक होने का दावा कैसे कर सकती है?" विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों को बार-बार शांत कराने की कोशिश की, लेकिन नारेबाजी और हंगामे के बीच ही बजट की घोषणाएं जारी रहीं।


बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वित्तीय वर्ष में जनता पर कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा। मोहन सरकार के इस तीसरे बजट को पूरी तरह से विकासोन्मुखी और जन-कल्याणकारी बनाने की कोशिश की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य 'हर हाथ को काम' देना है और यह बजट प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने वाला कदम है।


सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना के लिए इस बार 23 हजार 882 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि 'हर नारी को न्याय' देना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ बहनों को इस बजटीय आवंटन से निरंतर सहायता मिलती रहेगी। इसके साथ ही, महिला सशक्तिकरण की अन्य योजनाओं के माध्यम से नारी शक्ति को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का खाका खींचा गया है।


किसानों के लिए सरकार ने सौर ऊर्जा की दिशा में एक बड़ी पहल की है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के 1 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे न केवल किसानों की बिजली पर निर्भरता कम होगी, बल्कि खेती की लागत में भी भारी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश के सबसे युवा राज्यों में से एक है, इसलिए युवाओं को कृषि और तकनीक से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर पैदा करना हमारा संकल्प है।


बजट के प्रमुख बिंदु


=> 3000 करोड़ से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।

=> पीएम आवास के लिए 6850 करोड़ का प्रावधान।

=> पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ का प्रावधान।

=> जी रामजी के लिए 10428 करोड़ का प्रावधान।

=> मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

=> पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपए का प्रावधान।

=> 21630 करोड़ की मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना मंजूर की जा चुकी है।

=> श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित।

=> प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत अब तक 4.61 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं।

=> सड़कों की मरम्मत के लिए 12690 करोड़ रुपए का प्रावधान।

=> उद्यम क्रांति योजना में 16,451 युवाओं को लोन दिया गया है।

=> नारी कल्याण की विविध योजनाओं के लिए 1,27,555 करोड़ के प्रावधान।

=> जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान।

=> जल जीवन मिशन के लिए 4454 करोड़ रुपए का प्रबंध किया गया है।

=> लाड़ली बहना योजना में 1.25 करोड़ महिलाएं रजिस्टर्ड, 23,882 करोड़ रुपए का प्रावधान।

=> 7.95 लाख स्टूडेंट्स को आर्थिक सहायता दी जाएगी।

=> 2 साल में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

=> 19300 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

=> प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3.64 करोड़ पंजीयन।

=> प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में 1.54 करोड़ पंजीयन।

=> अटल पेंशन योजना में 46 लाख पंजीयन हैं।



लाड़ली बहना और नारी कल्याण पर रिकॉर्ड आवंटन

मोहन सरकार ने अपने इस तीसरे बजट में 'नारी शक्ति' को प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 882 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख पंजीकृत महिलाओं को लाभ मिलता रहेगा। इसके अलावा, नारी कल्याण की विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ रुपये का विशाल बजट प्रस्तावित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।


अन्नदाता और ग्रामीण विकास: सोलर पंप और सड़कों का जाल

किसानों की आय बढ़ाने और लागत कम करने के उद्देश्य से सरकार ने 3000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप देने का बड़ा ऐलान किया है। ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 21,630 करोड़ रुपये की 'मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना' को मंजूरी दी गई है। साथ ही, सड़कों की मरम्मत के लिए अलग से 12,690 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए भी 412 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।


युवाओं को रोजगार और जनजातीय विकास पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि "हम देश के तीसरे सबसे युवा प्रदेश हैं और हर हाथ को काम देना हमारा संकल्प है।" इसी दिशा में उद्यम क्रांति योजना के तहत 16,451 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन दिया जा चुका है और श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार ने 11,277 गांवों के उद्धार हेतु 793 करोड़ रुपये का विशेष बजट रखा है। इसके साथ ही, 7 लाख 95 हजार छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने का भी लक्ष्य है।


औद्योगिक निवेश और सामाजिक सुरक्षा का खाका

प्रदेश में निवेश के माहौल पर जानकारी देते हुए देवड़ा ने बताया कि पिछले 2 वर्षों में मध्य प्रदेश को 33 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। औद्योगिक विस्तार के लिए 19,300 एकड़ जमीन पर नए इंडस्ट्रियल और आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 4.61 करोड़ खाते और सुरक्षा बीमा योजना में 3.64 करोड़ पंजीयन के साथ सरकार ने अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुँचने का दावा किया है। जल जीवन मिशन के लिए भी 4,454 करोड़ रुपये का प्रबंध किया गया है ताकि हर घर तक नल से जल पहुँचाया जा सके।


वित्त मंत्री के भाषण की अन्य प्रमुख बातें

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण के दौरान किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार ने 3000 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि मध्य प्रदेश दाल उत्पादन में देश में प्रथम और गेहूं व तिलहन में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि खेतों में उत्पादन से लेकर बाजार में विक्रय तक किसानों की हर संभव मदद की जाएगी। इसके अलावा, पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना को मिलाकर किसान परिवारों को सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक सहायता जारी रखने का प्रावधान किया गया है।


युवाओं और महिलाओं के लिए 'न्याय' का बजट

बजट में युवाओं और महिलाओं पर विशेष फोकस रखा गया है। वित्त मंत्री ने कहा, "हम देश के तीसरे सबसे युवा प्रदेश हैं और हमारा संकल्प है कि हर हाथ को काम और हर युवा को रोजगार मिले।" महिलाओं के लिए 'हर नारी को न्याय' के उद्देश्य के साथ लाड़ली बहना जैसी योजनाओं के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं। उम्मीद है कि लाड़ली बहनों की राशि में वृद्धि की मांग पर भी सरकार सकारात्मक रुख अपनाएगी।


सिंहस्थ 2028 और बुनियादी ढांचे के लिए बड़ी तैयारी

चूँकि 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ (कुंभ) का विशाल आयोजन होना है, और केंद्र सरकार ने अपने बजट में इसके लिए अलग से कोई विशेष पैकेज नहीं दिया है, इसलिए मोहन सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के बजट में ही सिंहस्थ से जुड़े बड़े कामों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। वित्त मंत्री ने संकेत दिया कि सिंहस्थ के बुनियादी ढांचे से जुड़े ज्यादातर महत्वपूर्ण कार्य 2026-27 के दौरान ही पूरे किए जाएंगे ताकि अंतिम समय में कोई दबाव न रहे।


बढ़ता कर्ज और वित्तीय संतुलन की चुनौती

राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर भी बजट में अहम जानकारी दी गई है। मध्य प्रदेश पर मौजूदा कर्ज 4.94 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार सरकार का कुल बजट (करीब पौने पांच लाख करोड़) राज्य पर मौजूद कुल कर्ज की राशि से कम रहने का अनुमान है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के कारण केंद्रीय करों में होने वाली 7,726 करोड़ रुपये की कटौती के बावजूद सरकार ने विकास की गति को बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे (Capex) पर खर्च बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।


पहली बार 'रोलिंग बजट' और डिजिटल क्रांति

यह मध्य प्रदेश के इतिहास का पहला पेपरलेस बजट है, जिसे वित्त मंत्री ने टैबलेट के माध्यम से पढ़ा। इस बार सरकार ने '3-Year Rolling Budget' की नई परंपरा शुरू की है, जिसमें न केवल आगामी वर्ष बल्कि अगले तीन वर्षों (2026-29) का वित्तीय खाका पेश किया गया है। 2026 को 'कृषि वर्ष' घोषित करते हुए सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन तक ले जाने का रोडमैप तैयार किया है।


आर्थिक सर्वेक्षण: 11.14% की विकास दर के साथ एमपी की छलांग

बजट से एक दिन पहले मंगलवार को सदन में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति की तस्वीर साफ की है।

GSDP ग्रोथ: मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था 11.14% की दर से बढ़ रही है। राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 16.69 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है।

प्रति व्यक्ति आय: प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1.69 लाख रुपये हो गई है।

सेक्टरवार योगदान: राज्य की अर्थव्यवस्था में प्राथमिक क्षेत्र (कृषि एवं संबद्ध) का योगदान 43.09%, द्वितीयक (उद्योग) का 19.79% और तृतीयक (सेवा क्षेत्र) का 37.12% रहा है।


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प्रमुख उम्मीदें: रोजगार, लाड़ली बहना और निवेश

आज के बजट से युवाओं और महिलाओं को काफी उम्मीदें हैं:

सरकारी नौकरियां: प्रदेश में करीब 50,000 नई भर्तियों की दिशा में बड़ा ऐलान हो सकता है।

लाड़ली बहना योजना: इस योजना के लिए करीब 22,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रहने की उम्मीद है, ताकि महिलाओं को मिलने वाली 1,500 रुपये की मासिक सहायता जारी रहे।

पूंजीगत व्यय (Capex): बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि सरकार का फोकस घोषणाओं से ज्यादा जमीनी निवेश पर है।


चुनौतियां और वित्तीय संतुलन

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ता कर्ज और केंद्रीय करों में होने वाली कटौती है। रिपोर्टों के अनुसार, 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद राज्य के हिस्से में करीब 7,726 करोड़ रुपये की कमी आने की संभावना है। वर्तमान में राज्य पर कुल कर्ज बढ़कर करीब 4.90 लाख करोड़ रुपये हो गया है। ऐसे में वित्त मंत्री के लिए लोकलुभावन घोषणाओं और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाना एक कठिन परीक्षा होगी।