अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के हाईप्रोफाइल मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को औपचारिक रूप से एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने एसआईटी (SIT) की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर यह मुकदमा दर्ज कराया है। इस एफआईआर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रामशंकर यादव (टिन्नू) समेत कुल 8 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जिनमें से 3 आरोपियों को पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार भी कर लिया है। हालांकि, इस एफआईआर में चंपत राय सहित ट्रस्ट के किसी भी बड़े पदाधिकारी का नाम शामिल नहीं है। इससे पहले चंपत राय के इस्तीफे की अफवाहें भी उड़ी थीं, जिसे मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने सिरे से खारिज कर दिया।

चढ़ावा चोरी के इस बड़े मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गत 13 जून को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था, जिसने 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी। एसआईटी को जांच के दौरान मुख्य आरोपी टिन्नू के पास से दानपात्रों की चाबियां बरामद हुई थीं। इसके साथ ही एसआईटी ने मंदिर के करीब 150 ऐसे सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति में 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अचानक बड़ा उछाल आया था।

FIR में नामजद 8 आरोपियों की सूची:

  • रामशंकर यादव (टिन्नू)(गिरफ्तार)
  • लवकुश मिश्रा(गिरफ्तार)
  • अनुकल्प मिश्रा(गिरफ्तार)
  • अविनाश शुक्ला(फरार)
  • मनीष यादव(फरार)
  • रमाशंकर मिश्रा(फरार)
  • सुभाष चंद्र श्रीवास्तव(फरार)
  • करुणेश पांडेय(फरार)

इससे पहले सूत्रों के हवाले से यह खबर आई थी कि एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को जिम्मेदार माना था और उनके खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही थी, लेकिन अंतिम एफआईआर में केवल सेवादारों और कर्मचारियों को ही आरोपी बनाया गया है। फरार चल रहे बाकी 5 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 4 विशेष टीमों का गठन किया है और लगातार दबिश दी जा रही है।