मंडला में मॉब लिंचिंग: बच्चा चोर के शक में लड़के को बेरहमी से पीटा, सड़क पर मिला शव; पुलिस की थ्योरी पर उठे सवाल

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मंडला। जिले के बिछिया थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ बच्चा चोर होने की अफवाह के चलते भीड़ ने एक मासूम और मानसिक रूप से कमजोर बालक को न केवल बंधक बनाया, बल्कि उसे डंडों और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में क्रूरता का वो मंजर साफ दिख रहा है जहाँ लोग बालक को घेरकर मार रहे हैं और एक व्यक्ति तो उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटकता नजर आ रहा है। मौके पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे और बालक की चीखें किसी का दिल नहीं पसीज सकीं। बरखेड़ा गांव के सरपंच की सूचना पर बिछिया पुलिस मौके पर पहुँची और बालक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब अस्पताल में भर्ती होने के अगले ही दिन सुबह एनएच-30 पर इस बालक का शव बरामद हुआ। एसपी रजत सकलेचा का कहना है कि बालक मानसिक रूप से कमजोर था और रात करीब 3 बजे वह अस्पताल से भाग गया था, जिसके बाद किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस की इस थ्योरी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर एक चोटिल बालक अस्पताल के स्टाफ और सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी में कैसे गायब हो गया और क्या उसके भागने की सूचना समय रहते पुलिस को दी गई थी? पुलिस अभी तक उस वाहन का पता भी नहीं लगा पाई है जिसने उसे टक्कर मारी, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है।
बिछिया थाना प्रभारी रंजीत सैयाम ने बताया कि पुलिस ने वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने भी आम जनता से अपील की है कि वे बच्चा चोरी जैसी अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश न करें। फिलहाल पुलिस मृतक बालक की शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है और उसके परिजनों की तलाश की जा रही है। यह घटना प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक बड़ा सबक है कि कैसे एक गलत अफवाह किसी बेगुनाह की जान ले सकती है और सिस्टम की थोड़ी सी लापरवाही मामले को कितना पेचीदा बना देती है।


