नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा गाजा पर भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाए जाने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस बीच शनिवार को एनडीए नेताओं ने कांग्रेस पर जोरदार निशाना साधा।

भाजपा प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सोनिया गांधी गाजा के विषय पर बार-बार जो आर्टिकल लिखती हैं और भारत की नीति की आलोचना करती हैं, इसके बारे में सोनिया गांधी ही बता सकती हैं कि वह ऐसा क्यों करती हैं? भारत की विदेश नीति पूरी तरह स्पष्ट है। गाजा में जो आम नागरिकों की जान गई है, हमने उसकी भी निंदा की है और इजरायल में हमास का अक्टूबर 2023 में जो आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 1,100 से अधिक लोगों की जान ही गई थी, उसे भी हमने पुरजोर तरीके से एक्ट ऑफ टेरर बताया था।"

उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस का दोहरापन इस बात से प्रमाणित होता है कि वह गाजा के विषय पर तो आंसू बहाते नहीं थकती, लेकिन जब हमास के टेरर एक्ट के बारे में चर्चा होती है, तो उसे 'एक्ट ऑफ टेरर' बताने में चुप रहती है। मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी यह वोट बैंक के लिए करती है। उनके पास कोई काम नहीं बचा है।"

तुहिन सिन्हा ने बताया, "भारत की विदेश नीति स्पष्ट है कि किसी भी वैश्विक तनाव में, जिसमें भारत सीधे तौर पर नहीं जुड़ा है, हम केवल शांति के पक्ष में खड़े हैं, और उन विपरीत परिस्थितियों में भी भारत के नागरिकों के हितों की रक्षा होनी चाहिए। कांग्रेस के आंसू तब नहीं निकलते हैं, जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार होते हैं। कांग्रेस को इस दोहरेपन से ऊपर उठना चाहिए। इस देश की जनता उनके दोहरे चरित्र के कारण उन्हें नकारती रहेगी।"

भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कहा, "यह लेख कोई इत्तेफाक नहीं है। यह कांग्रेस पार्टी की लंबे समय से चली आ रही तुष्टिकरण की राजनीति को दिखाता है। हमने ऐसे लेख सालों से देखे हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब इजरायल में लोगों पर हमले हुए, उन्हें मारा गया और अगवा किया गया, तब उन्होंने क्या किया? एक भी आवाज नहीं उठी। मेरा मानना ​​है कि विपक्षी पार्टियों को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। असलियत यह है कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर जुल्म हो रहे थे, तब कांग्रेस पूरी तरह चुप रही।"

दूसरी तरफ, एनडीए में शामिल जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "भारतीय विदेश नीति का स्वर्ण काल चल रहा है। भारत की कूटनीति का लोहा पूरी दुनिया मानती है। क्वाड, ब्रिक्स या जी7 हो, सभी वैश्विक मंचों पर जिस प्रभावशाली तरीके से भारत ने पूरी दुनिया में अपनी डिप्लोमेसी का लोहा मनवाया है, उस पर हर भारतीय को गर्व है। ऐसे में सोनिया गांधी के जो सवाल हैं, वह अव्यवहारिक हैं। विदेश नीति पर देश को कभी भी विभाजित नहीं दिखना चाहिए। प्रधानमंत्री किसी पार्टी के नहीं, बल्कि देश के हैं। भारत की विदेश नीति का मतलब है कि वैश्विक मंचों पर भारत के जो स्टैंड आते रहे हैं, वह पूरे देश का है।"