अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा और दान राशि में कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर संत समाज की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में तपस्वी छावनी पीठ के अयोध्या धाम पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान का समर्थन करते हुए मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जो बात कही है, वह पूरी तरह उचित है। रावण ने तो केवल जगत जननी माता सीता का हरण किया था, लेकिन राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी करने वाले लोगों ने करोड़ों सनातनियों की आस्था की चोरी की है। ऐसे लोगों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए और कानून के तहत उन्हें सख्त सजा मिलनी चाहिए। इनका वध होना चाहिए; इनको कानूनन फांसी की सजा होनी चाहिए।
परमहंस आचार्य ने मामले के कथित मुख्य आरोपी टिन्नू यादव का जिक्र करते हुए कहा कि खासतौर पर इसका जो सरगना टिन्नू यादव है, तो टिन्नू यादव को फांसी की सजा हो और बाकी लोगों को छह-छह महीने की सजा हो, इसके बाद छोड़ दिया जाए। क्योंकि इसमें जो मुख्य अभियुक्त है वो टिन्नू यादव है और इसका इतनी बड़ी दबंगई है कि इस अपराधी के नाम के आगे पुलिस को 'श्री' लिखना पड़ रहा है, तो इसलिए टिन्नू यादव को फांसी होनी चाहिए।
बता दें कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर से जुड़े चंदा और दान राशि के कथित गबन के मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि रावण ने केवल माता जानकी का हरण किया था, लेकिन राम मंदिर के दान पात्र से धन की चोरी करना लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास को चोट पहुंचाने जैसा है। उन्होंने कहा था कि जानकारी मिली है कि मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और जांच जारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच आगे बढ़ने पर और भी तथ्य सामने आएंगे तथा यदि कोई अन्य व्यक्ति शामिल होगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर में भगवान राम को समर्पित दान राशि में गड़बड़ी करने वाला व्यक्ति केवल कानूनी दंड ही नहीं बल्कि ईश्वर के न्याय का भी भागी बनेगा। जिसने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है, उसे उसके कर्मों का परिणाम अवश्य भुगतना पड़ेगा।

