बीना, बृजपाल सिंह राजपूत। बीना में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 25 वर्षीय सुल्तान और उसका साथी माधव गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को तत्काल शासकीय सिविल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण सुल्तान की मौत हो गई, जबकि दूसरे घायल का उपचार जारी है।


युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। आरोप है कि भीड़ ने बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल की तलाश कर उनके साथ मारपीट का प्रयास किया, जिसके चलते डॉक्टर को अपनी सुरक्षा के लिए ड्यूटी रूम में बंद होना पड़ा। इस दौरान भीड़ ने कमरे का दरवाजा तोड़ने की भी कोशिश की।


स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल में मौजूद पुलिस जवानों ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया, जिससे पुलिस और लोगों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। एक भाजपा नेता ने भीड़ को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ भी धक्का-मुक्की हुई। हालात तनावपूर्ण होने पर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल अस्पताल बुलाना पड़ा।


घटना की सूचना मिलते ही विधायक निर्मला सप्रे, थाना प्रभारी अनूप सिंह यादव पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों, अस्पताल प्रबंधन और पीड़ित परिवार से चर्चा कर स्थिति को नियंत्रित किया तथा मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। वहीं समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के आरोपों ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।