भिंड, अक्षय जोशी। चंबल की माटी में अपने कार्यकाल की अमिट छाप छोड़ने वाले पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव को भिंड पुलिस परिवार ने ऐसी विदाई दी, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। डीआईजी पद पर पदोन्नत होकर ग्वालियर की कमान संभालने जा रहे डॉ. यादव को उनके अधीनस्थों ने विदाई समारोह के बाद अपने कंधों पर उठाकर गाड़ी तक पहुंचाया।


'खलनायक' के गाने पर जमकर थिरके साहब

शहर के दावत होटल में आयोजित विदाई समारोह का माहौल उस समय बेहद खुशनुमा और फिल्मी हो गया जब डीआईजी डॉ. असित यादव अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मंच पर उतरे। "नायक नहीं, खलनायक हूँ मैं" गाने की धुन पर उन्होंने अपने पुलिस परिवार के साथ जमकर डांस किया। कप्तान का यह बेबाक अंदाज देख वहां मौजूद हर शख्स तालियां बजाने को मजबूर हो गया।


भावुक हुए साथी: कंधों पर किया विदा

समारोह के समापन पर एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। अपने प्रिय अधिकारी के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कर्मचारियों ने डॉ. असित यादव को कंधों पर उठा लिया। कार्यक्रम स्थल से लेकर उनकी गाड़ी तक कर्मचारी उन्हें कंधों पर लेकर आए। यह दृश्य न केवल भावुक करने वाला था, बल्कि यह पुलिस विभाग के भीतर उनके प्रति आपसी तालमेल और प्रेम को भी दर्शाता था।


प्रशासनिक अमला और पत्रकारों की मौजूदगी

इस यादगार विदाई समारोह में जिले के कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा, 17वीं वाहिनी के कमांडेंट आशुतोष बागरी सहित जिले के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस बल और बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। कई अधिकारियों ने डॉ. यादव के कार्यकाल को याद करते हुए उन्हें बेहद भावुक विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


ढाई साल का सफल कार्यकाल

डॉ. असित यादव का भिंड में एसपी के रूप में दो साल सात महीने का कार्यकाल बेहद सफल रहा। कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधों पर लगाम लगाने के साथ-साथ उन्होंने विभाग के भीतर एक सकारात्मक कार्यसंस्कृति विकसित की। अब वे ग्वालियर में डीआईजी के रूप में नई कमान संभालेंगे।