मुंबई, 6 मई । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं कई भूमिकाएं निभाती हैं। ऐसे में मानसिक थकान और दबाव महसूस करना स्वाभाविक है। इसी विषय पर बात करते हुए मीरा राजपूत कपूर ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिलाओं को कभी-कभी हर छोटी-बड़ी जिम्मेदारी और फैसलों से दूर होकर खुद के लिए समय निकालना चाहिए, ताकि वे मानसिक रूप से हल्का महसूस कर सकें।मीरा राजपूत ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपने मायके में बिताए समय के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, ''अपने माता-पिता के घर पर रहना एक अलग तरह का सुकून देता है। मायके में मैं खुद को ज्यादा सहज महसूस करती हूं। यहां मुझे किसी तरह का दबाव महसूस नहीं होता।''

वीडियो में मीरा आगे कहती हैं, ''काफी समय बाद मैं इस तरह खुलकर अपने मन की बात साझा कर रही हूं। जब मैं अपनी मां के घर पर थी, तब मुझे एहसास हुआ कि कुछ जगहें और रिश्ते ऐसे होते हैं, जो हमें बिना किसी शर्त के सुकून देते हैं। इस अनुभव को शब्दों में पूरी तरह बयां करना मुश्किल है।''

मीरा ने कहा, ''महिलाओं को हर समय फैसले लेने की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। दिनभर उन्हें यह तय करना होता है कि घर में क्या बनेगा, कौन कहां जाएगा, कौन सा काम पहले करना है और कौन सा बाद में। यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया उन्हें मानसिक रूप से थका देती है। जब कुछ समय के लिए कोई उनसे कुछ नहीं पूछता, तो दिमाग को बहुत राहत मिलती है।''

उन्होंने आगे कहा, ''महिलाएं सिर्फ फैसले ही नहीं लेतीं, बल्कि हर दिन कई विकल्पों में से सही चुनाव भी करती हैं। यह जिम्मेदारी बहुत बड़ी होती है और इसका असर मानसिक स्थिति पर पड़ता है। जब किसी महिला को कुछ समय के लिए इन सभी फैसलों और जिम्मेदारियों से छुटकारा मिलता है, तो उसे एक अलग ही तरह की शांति और सुकून महसूस होता है। यही वह समय होता है, जब वह खुद को फिर से ऊर्जा से भर पाती है।''

मीरा ने महिलाओं को सलाह देते हुए कहा, ''समय-समय पर खुद को ब्रेक देना बहुत जरूरी है। अगर संभव हो, तो कुछ समय के लिए फोन बंद कर देना चाहिए और सिर्फ उस पल को जीने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसा करने से मन हल्का होता है और हम अपने आसपास की चीजों को ज्यादा गहराई से महसूस कर पाते हैं।''

उन्होंने कहा, ''जीवन के छोटे-छोटे पल ही असली खुशी देते हैं। जैसे बच्चों को खेलते हुए देखना, माता-पिता के साथ बिना किसी काम के समय बिताना, उनके साथ टहलना या हंसना, ये सभी चीजें हमें अंदर से खुश करती हैं। जब हम इन पलों को बिना किसी चिंता के जीते हैं, तब हमें असली सुकून मिलता है।''

वीडियो के आखिर में मीरा राजपूत ने कहा, ''महिलाएं अपने लिए ऐसी जगह, इंसान या माहौल जरूर ढूंढें, जहां उन्हें किसी तरह का दबाव महसूस न हो और जहां उन्हें फैसले लेने की जरूरत न पड़े। कभी-कभी खुद से कोई सवाल न पूछना और बस उस पल में जीना भी बहुत जरूरी होता है।''