श्योपुर,उत्तम सिंह। श्योपुर जिले के सामान्य वन मंडल की खाड़ी रेंज में जंगल की जमीन पर कब्जे को लेकर स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। खाड़ी रेंज की मोरेका बीट के अंतर्गत जार की तलैया और रई क्षेत्र में पिछले करीब चार वर्षों से अवैध रूप से बसे अतिक्रमणकारियों के बीच अब आपसी टकराव खुलकर सामने आने लगा है। बीते चार दिनों से दोनों पक्षों के बीच जंगल की नई कटाई और जमीन बढ़ाने को लेकर विवाद बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, रई क्षेत्र के कुछ लोग लगातार जंगल की कटाई कर खेती के लिए नई जमीन तैयार कर रहे हैं, जिसका जार की तलैया में रह रहे लोग विरोध कर रहे हैं। जार की तलैया बस्ती के पटेल सिब्बू आदिवासी का कहना है कि वे पहले से कब्जे में ली गई जमीन पर ही काम करने की समझाइश दे रहे हैं, लेकिन रई के लोग मानने को तैयार नहीं हैं और रोजाना जंगल काटकर आगे बढ़ रहे हैं। आरोप है कि रई क्षेत्र के हरिविलास, गोरे और उनके साथी लगातार पेड़ों की कटाई कर रहे हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच खींचतान की स्थिति बनी हुई है।
सिब्बू आदिवासी और रतिराम ने साफ किया है कि हाल के दिनों में हुई नई कटाई में उनका कोई हाथ नहीं है और वन विभाग उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान न करे। उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को भी दे दी है, लेकिन इसके बावजूद हालात पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ पाए हैं।
मामले की सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने कटे हुए पेड़ों की गिनती की, ठूंठों की नाप-तौल की और पंचनामा तैयार कर प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही मौके पर मौजूद अतिक्रमणकारियों को समझाइश भी दी गई।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, पिछले चार वर्षों से इस क्षेत्र में लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है और जंगल की कटाई कर खेती का दायरा फैलाया जा रहा है। करीब डेढ़ साल पहले अतिक्रमणकारियों को बेदखली के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। नतीजतन अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं और खाड़ी रेंज में वन भूमि पर कब्जे का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

