भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी भोपाल में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर सरकार के जल निकासी दावों की पोल खोल दी। महज कुछ घंटों की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई रिहायशी क्षेत्रों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया, जबकि सड़कों पर खड़े वाहन भी जलमग्न हो गए।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में वार्ड क्रमांक 73 की शिवाजी गली, मस्जिद वाली गली और आसपास के इलाके शामिल रहे। यहां सड़कों पर तालाब जैसे हालात बन गए, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए नगर निगम के दावों पर सवाल खड़े किए।
बारिश के बाद जलभराव की स्थिति ने एक बार फिर शहर की ड्रेनेज व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।

