मप्र में अब नहीं होगी बसों की हड़ताल, मुख्यमंत्री के साथ बैठक में निकाला हल

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भोपाल। मध्य प्रदेश में बस यात्रियों के लिए होली से ठीक पहले बड़ी राहत की खबर आई है। निजी बस ऑपरेटरों की प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल अब टल गई है, जिससे प्रदेशभर में सामान्य बस सेवा बहाल रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल और संवेदनशील दृष्टिकोण से यह संकट टला है।
शनिवार रात मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ लंबी और सकारात्मक बैठक हुई। बस संचालकों ने नई परिवहन नीति, पीपीपी मॉडल और इससे जुड़े कुछ विवादित राजपत्र अधिसूचनाओं को लेकर अपनी प्रमुख मांगें और शंकाएं रखीं। इनमें टैक्स संबंधी मुद्दे, परमिट नियमों में बदलाव और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालन की चुनौतियां शामिल थीं। बैठक में मुख्यमंत्री ने बस मालिकों के हितों के साथ-साथ यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आश्वासन दिया कि सभी पक्षों के हितों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के हर ग्रामीण अंचल तक सुगम परिवहन सुनिश्चित करने के लिए सरकार कटिबद्ध है और बस ऑपरेटरों की समस्याओं का मिल-बैठकर व्यावहारिक समाधान निकाला जाएगा।
मुख्यमंत्री के ठोस भरोसे और सरकारी अधिसूचना को होल्ड करने के फैसले के बाद बस ऑनर्स एसोसिएशन ने 2 मार्च 2026 से शुरू होने वाली प्रदेशव्यापी हड़ताल पूरी तरह वापस ले ली। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि अब बसें यथावत संचालित होंगी और कोई व्यवधान नहीं होगा। इस फैसले से लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है, खासकर होली के त्योहार पर जब लोग अपने घरों और रिश्तेदारों से मिलने के लिए बसों पर निर्भर रहते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि सरकार हर वर्ग के हितों का ध्यान रखते हुए विकास की राह पर आगे बढ़ रही है। बस संचालकों की मांगों पर सहमति और उनकी शंकाओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए परिवहन मंत्री को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। यदि भविष्य में कोई असहमति रहती है तो बातचीत के माध्यम से ही उसका निपटारा किया जाएगा, लेकिन फिलहाल हड़ताल की कोई स्थिति नहीं रहेगी।
