जबलपुर,अनुराग शुक्ला। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में शादी के नाम पर नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में एक महिला सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में पूर्व सरपंच, बिचौलिए, पंडित और अन्य सहयोगी शामिल हैं, जो लंबे समय से कई जिलों में सक्रिय थे।


पुलिस के अनुसार, घमापुर थाना क्षेत्र से 6 दिसंबर 2025 को 16 वर्षीय किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि किशोरी एक परिचित युवक से मिलने घर से निकली थी और जबलपुर रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां विवाद के बाद युवक उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया।


अकेली रह गई किशोरी को एक अन्य युवक ने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया और उसे पहले मंडला ले जाया गया, जहां दो दिन तक रखा गया। इसके बाद उसे सीहोर जिले के एक गांव में ले जाकर एक पूर्व सरपंच को करीब एक लाख रुपये में बेच दिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह सौदा पहले से तय था।


आगे गिरोह ने किशोरी की फोटो विभिन्न जिलों में भेजकर दो लाख रुपये में शाजापुर जिले के एक व्यक्ति से सौदा तय किया और 12 दिसंबर को उसे वहां भेज दिया गया, जहां जबरन शादी करा दी गई। किशोरी ने 19 दिसंबर को मौके का फायदा उठाकर पड़ोसी के मोबाइल से कॉल कर पुलिस तक सुराग पहुंचाया।


साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने शाजापुर और गुना में दबिश दी, जहां से किशोरी को सुरक्षित बरामद कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद क्रमवार कार्रवाई करते हुए सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।


पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों में दुल्हन की कमी का फायदा उठाकर नाबालिग लड़कियों को शादी के नाम पर बेचता था। गिरोह के सदस्य अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते थे—कोई फंसाने का काम करता था, तो कोई परिवहन और सौदा तय कर शादी की औपचारिकता पूरी करवाता था।


फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मानव तस्करी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम आगे की जांच में जुटी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।