भोपाल। मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों के दूसरे बड़े दौर में भाजपा ने अपने त्याग करने वाले नेताओं को पुरस्कृत करना शुरू कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण नियुक्ति गुना-शिवपुरी के पूर्व सांसद केपी यादव की हुई है। पार्टी ने उन्हें मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष नियुक्त कर कैबिनेट मंत्री के दर्जे से नवाजा है।
केपी यादव की यह नियुक्ति सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किए गए उस सार्वजनिक वादे की पूर्ति मानी जा रही है, जो उन्होंने ग्वालियर की एक सभा में किया था। 2019 के चुनाव में तत्कालीन कांग्रेसी दिग्गज ज्योतिरादित्य सिंधिया को हराने वाले केपी यादव की टिकट 2024 में काटकर सिंधिया को ही थमा दी गई थी। तब पार्टी नेतृत्व ने केपी यादव को भरोसा दिलाया था कि उनके धैर्य और त्याग का उचित सम्मान किया जाएगा। कई विरोधों और अड़ंगों के बावजूद अब उन्हें 'नान' की कमान सौंपी गई है।
सरकार ने केपी यादव के साथ-साथ कुछ अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्तियां की हैं, जिनमें भिंड जिला भाजपा के पूर्व अध्यक्ष संजीव कांकर को नागरिक आपूर्ति निगम का उपाध्यक्ष बनाया गया है। केपी यादव और कांकर, दोनों का ही कार्यकाल इस पद पर 2 वर्ष का होगा। वहीं पन्ना के वरिष्ठ भाजपा नेता संजय नगाइच को मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। नगाइच का इस पद पर कार्यकाल 3 वर्ष के लिए होगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने प्रदेश में लंबे समय से खाली पड़े निगम-मंडलों और आयोगों में नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसकी शुरुआत हाल ही में जयभान सिंह पवैया को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाकर की गई थी। इसके बाद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला और बाल आयोग में भी नियुक्तियां हो चुकी हैं। अब ग्वालियर मेला प्राधिकरण और पशुधन विकास निगम के बाद इन नई नियुक्तियों से पार्टी ने जमीनी और पुराने कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी निष्ठा और अनुशासन का सम्मान करती है।

