छतरपुर। जिले की महत्वपूर्ण केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत ग्राम ढोडऩ में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर हुए हमले के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जानकारी दी है कि इस हिंसा और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में करीब 100 उपद्रवियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों की उग्र भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर भारी पथराव कर दिया था, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया।


एडिशनल एसपी की गाड़ी और जेसीबी को बनाया निशाना

मिली जानकारी के अनुसार, जब प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ ग्राम ढोडऩ में चिन्हित अतिक्रमण को ढहाने पहुंची, तो स्थानीय लोगों का विरोध हिंसक प्रदर्शन में बदल गया। भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) के वाहन सहित पुलिस के लगभग आधा दर्जन वाहनों के कांच फूट गए। इसके अलावा, अतिक्रमण हटाने के कार्य में लगी जेसीबी मशीन को भी भीड़ ने बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आई हैं, हालांकि कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है।


कैमरे में कैद हुई ग्रामीणों की 'नाटकीय कलाकारी'

इस हिंसक झड़प के बीच एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसने ग्रामीणों के विरोध के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो साक्ष्यों में स्पष्ट दिख रहा है कि जिस मकान पर कार्रवाई हो रही थी, वहां एक युवक खुद को लहूलुहान दिखाने का नाटक कर रहा है। वीडियो में एक अन्य युवक उस पर लाल रंग डालता नजर आ रहा है, ताकि प्रशासन पर बर्बरता का झूठा आरोप लगाया जा सके। पुलिस ने इस नाटकीय घटनाक्रम को साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।


क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात

कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से ही क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हमलावरों और षड्यंत्रकारियों की पहचान कर रही है। केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर चल रहे लंबे गतिरोध के बीच हुई इस हिंसा के बाद प्रशासन अब और भी अधिक सतर्कता बरत रहा है।