अयोध्या। अयोध्या में संत समाज की बैठक के दौरान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, मंदिर की धार्मिक व्यवस्था और हालिया राजनीतिक विवादों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद डॉ. राम विलास वेदांती जी महाराज के उत्तराधिकारी राघवेश दास वेदांती और महंत सीताराम दास ने मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्ष, राहुल गांधी और 'कॉकरोच जनता पार्टी' के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी।राघवेश दास वेदांती ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सत्ता से हटाने के लिए एक सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है। इसके पीछे विदेशी ताकतें सक्रिय हैं। देश में पहले भी कई आंदोलन हुए हैं, लेकिन ऐसे आंदोलनों से कुछ हासिल नहीं होगा। विपक्ष का काम आंदोलन करना है, इसलिए वह आंदोलन करेगा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी को हटाना संभव नहीं है। प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में देश के लिए वह काम किए हैं, जो कांग्रेस 70 वर्षों में नहीं कर सकी। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए उन्हें इस कथित षड्यंत्र का हिस्सा बताया।

अयोध्या में संत समाज की बैठक पर राघवेश दास वेदांती ने कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के त्याग, तपस्या और निष्ठा की सराहना की गई। चंपत राय पर लगाए गए आरोपों की संत समाज ने निंदा की है और सभी संतों का मानना है कि वे निर्दोष हैं। संत समाज की मांग है कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद यदि उन्हें क्लीन चिट मिलती है, तो चंपत राय को पुनः ट्रस्ट में महासचिव के पद पर नियुक्त किया जाए। संतों ने पहले भी ट्रस्ट से उनका इस्तीफा स्वीकार न करने का आग्रह किया था, लेकिन प्रक्रिया के तहत इस्तीफा स्वीकार हो गया। अब संत समाज फिर से ट्रस्ट से अनुरोध करेगा कि जांच पूरी होने के बाद उन्हें उनके पुराने पद पर बहाल किया जाए।

राघवेश दास वेदांती ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा अयोध्या के पांच संतों को शामिल कर धार्मिक समिति गठित किए जाने का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस समिति के माध्यम से रामानंदी वैष्णव परंपरा के अनुसार रामलला की पूजा-अर्चना, उत्सव और अन्य धार्मिक गतिविधियों का संचालन होगा। इस समिति में राम वल्लभ कुंज के महंत राजकुमार दास, रामकुंज के डॉ. रामकमल दास, मणिराम छावनी के उत्तराधिकारी कमलनयन दास, मिथिलेश नंदिनी शरण सहित अन्य संतों को स्थान दिए जाने से अयोध्या ही नहीं बल्कि पूरे देश का संत समाज प्रसन्न है। अब अयोध्या के संतों की भावनाओं और विचारों को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जाएंगे, जिससे धार्मिक वातावरण और अधिक सकारात्मक होगा।

वहीं, महंत सीताराम दास ने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास किया, जिसे उन्होंने अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। कुछ विपक्षी दल राम, सनातन और राष्ट्र विरोधी मानसिकता से प्रेरित हैं तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर से आर्थिक मदद मिल रही है। विदेशी फंडिंग के बल पर देश में अराजकता फैलाने और समाज को विभाजित करने की साजिश रची जा रही है। प्रशासन और पत्रकारों पर हमले भी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इसकी कड़ी आलोचना होनी चाहिए।

महंत सीताराम दास ने बताया कि संतों की बैठक में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य भगवान राम के प्रति भक्ति भावना को जन-जन तक पहुंचाना और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार को मजबूत करना था। संत समाज उन लोगों से आहत है जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, रामभक्तों पर गोली चलाने जैसी घटनाओं का समर्थन किया या सनातन धर्म की छवि धूमिल करने का प्रयास किया। सनातन धर्म आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है और इसे कमजोर करने की कोशिश करने वालों को समय आने पर उचित जवाब मिलेगा।