जबलपुर, अनुराग शुक्ला। शहर के खान-पान प्रेमियों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ जबलपुर जिला प्रशासन ने मोर्चा खोल दिया है। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के सख्त निर्देश पर सोमवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में छापामार कार्रवाई की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नूडल्स और अन्य चाइनीज व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाले 'अजीनोमोटो' (मोनो सोडियम ग्लूटामेट) की मात्रा की जांच करना था। टीम ने शहर के प्रतिष्ठित कैफे और रेस्टोरेंट्स से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे हैं।


जांच अभियान के दौरान गढ़ा रोड, मदनमहल, गोराबाजार, रामपुर और सिविक सेंटर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में स्थित केशरवानी फास्टफूड, पटेल रेस्टोरेंट, अन्नपूर्णा फास्टफूड, साहेब बार एंड रेस्टोरेंट, चाऊमाऊ होटल, एमपी 20, ड्रेगन एक्सप्रेस और श्री साई चाइनीज जैसे सेंटरों से नूडल्स, मंचूरियन, पास्ता, मोमोज और फ्राइड राइस के सैंपल लिए गए। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दुकानदारों को अजीनोमोटो के अत्यधिक सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया और नियमों के अनुसार सीमित उपयोग की हिदायत दी।


इस कार्रवाई के दौरान होम साइंस कॉलेज रोड स्थित '4 यार कैफे एंड रेस्टोरेंट' में बेहद चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट के किचन में भारी संख्या में कॉकरोच रेंगते हुए पाए गए, साथ ही दीवारों पर नमी और गंदगी के बीच भोजन पकाया जा रहा था। अस्वच्छ वातावरण और खाद्य सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इस प्रतिष्ठान का खाद्य पंजीयन (लाइसेंस) निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान यहाँ किसी भी प्रकार का भोजन निर्माण और विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से शहर के अन्य रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मच गया है।