सतना, अंबिका केसरी। कृषि आदान विक्रेता संघ, जिला सतना मैहर ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर प्रधानमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा है। सोमवार को जिले के सभी विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर टाउन हॉल पर एकत्र हुए और रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। विक्रेता संघ बताया कि देशभर के लाखों खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेता बीते कई वर्षों से नीतिगत परेशानियों का सामना कर रहे हैं।


कई बार आग्रह के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं होने पर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल भी की गई। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी। मांगों में खाद की बिक्री में जबरन “लिंकिंग” पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। संघ का कहना है कि कंपनियां सब्सिडी वाले खाद के साथ अन्य उत्पादों की अनिवार्य बिक्री थोप रही हैं, जिससे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसके अलावा खाद की आपूर्ति ‘फ्री ऑन रोड’ आधार पर सीधे बिक्री केंद्र तक सुनिश्चित करने की मांग की गई है, ताकि परिवहन का अतिरिक्त खर्च डीलरों पर न पड़े।


विक्रेताओं ने बढ़ती महंगाई के मद्देनजर उर्वरकों पर डीलर मार्जिन कम से कम 8 प्रतिशत करने, ‘साथी’ पोर्टल की अनिवार्यता खत्म कर इसे वैकल्पिक बनाने तथा अवैध बीज बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी उठाई है। साथ ही, सीलबंद उत्पादों में गुणवत्ता संबंधी दोष पाए जाने पर विक्रेता को जिम्मेदार न ठहराकर केवल निर्माता कंपनी को जवाबदेह बनाने की बात कही गई है।उन्होंने एक्सपायर्ड कीटनाशकों को वापस लेने के लिए कंपनियों को बाध्य करने, लाइसेंस निलंबन के मामलों में 21 दिन के भीतर बहाली तथा हर वर्ष अनावश्यक दस्तावेज जोड़ने की बाध्यता समाप्त करने की मांग की है।


संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आगामी खरीफ सीजन से पहले अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा, जिसका असर कृषि उत्पादन और किसानों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि तमाम किसान जूठी शिकायत करते हुए अनुचित लाभ उठाते हैं, ऐसे मामलों में कमेटी बनाई जाए ताकि शिकायत गलत मिलने पर उन किसानों पर भी कार्रवाई की जा सके।