नौगांव, कमल यादव। केंद्र सरकार द्वारा देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालयों के लिए 5862 करोड़ रुपए की मंजूरी मिलने के बाद अब छतरपुर जिले के नौगांव में विद्यालय संचालन की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। नौगांव में विद्यालय के अस्थाई संचालन के लिए चयनित पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन को दुरुस्त करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। सोमवार को केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) की टीम के संभावित निरीक्षण को देखते हुए प्रशासन ने बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन का कायाकल्प
अस्थाई संचालन के लिए पॉलिटेक्निक कॉलेज की इलेक्ट्रॉनिक शाखा के भवन का चयन किया गया है। यहाँ लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा मरम्मत कार्य पूर्ण करने के बाद अब रंगाई-पुताई का काम शुरू करा दिया गया है। विद्यार्थियों के लिए क्लासरूम, पेयजल व्यवस्था और शौचालयों को आधुनिक मापदंडों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने इस प्रोजेक्ट को समय-सीमा (TL) बैठकों के प्रमुख एजेंडे में शामिल किया है और अधिकारियों से प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट तलब कर रहे हैं।
अधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा
नगर पालिका अध्यक्ष के मार्गदर्शन में सीएमओ आरएस अवस्थी, उपयंत्री धर्मेंद्र चौबे और बीईओ महेंद्र प्रताप अहिरवार ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, विद्यालय परिसर में पेयजल के लिए ट्यूबवेल में मोटर डालने और विद्युत लाइनों को व्यवस्थित करने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि सोमवार को होने वाले केंद्रीय टीम के निरीक्षण से पहले सभी कमियां दूर कर ली जाएं।
इसी सत्र से शुरू हो सकता है संचालन
केंद्रीय विद्यालय छतरपुर के प्राचार्य मनीष रूसिया की टीम पहले ही भवन का प्रारंभिक निरीक्षण कर प्रशासन को सुविधाओं का प्रस्ताव सौंप चुकी है। यदि सोमवार को होने वाला अंतिम निरीक्षण सफल रहता है, तो इसी शैक्षणिक सत्र से विद्यालय का संचालन शुरू हो जाएगा।
बाल वाटिका और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सौगात
इस नए सत्र की सबसे खास बात यह होगी कि यहाँ पहली बार 'बाल वाटिका' यानी प्री-प्राइमरी स्तर की शिक्षा भी शुरू की जाएगी। प्रशासन और शिक्षा विभाग के बीच निरंतर समन्वय बना हुआ है ताकि भवन हस्तांतरण के तुरंत बाद स्टाफ की नियुक्ति और प्रवेश प्रक्रिया (एडमिशन) शुरू की जा सके। नौगांव और बड़ामलहरा क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह सौगात मील का पत्थर साबित होगी, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर ही राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो सकेगी।

