छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। जिला अस्पताल में बुधवार को प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई, जिसने एक गंभीर मरीज की जान जोखिम में डाल दी। जहर सेवन के कारण नाजुक हालत में अस्पताल लाए गए एक मरीज को पहली मंजिल पर ले जाते समय अस्पताल की लिफ्ट अचानक बंद हो गई। इस तकनीकी खराबी के चलते मरीज और उसके साथ मौजूद 8 से 10 परिजन करीब आधे घंटे तक लिफ्ट के भीतर ही कैद रहे।


भीषण गर्मी और घुटन से बिगड़ी हालत

जानकारी के अनुसार, कपूरदा निवासी इस मरीज को एक निजी अस्पताल से रेफर कर जिला अस्पताल लाया गया था। स्ट्रेचर के माध्यम से जब उसे ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल स्थित वार्ड में ले जाया जा रहा था, तभी लिफ्ट बीच रास्ते में ही अटक गई। बंद लिफ्ट के भीतर पंखा न चलने और भीषण गर्मी के कारण ऑक्सीजन की कमी होने लगी, जिससे मरीज की हालत और ज्यादा बिगड़ने लगी। अंदर फंसे लोग घबराकर मदद के लिए शोर मचाने लगे, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।


परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

मरीज के परिजन नवीन ने बताया कि मरीज पहले से ही जीवन-मौत के बीच संघर्ष कर रहा था, ऐसे में आधे घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहना किसी बड़े हादसे से कम नहीं था। काफी देर बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने मशक्कत कर लिफ्ट का दरवाजा खोला और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। आनन-फानन में मरीज को वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की लिफ्ट अक्सर खराब रहती है, लेकिन प्रबंधन इसे सुधारने की जहमत नहीं उठा रहा है।


अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

मेडिकल कॉलेज से जुड़े इस महत्वपूर्ण अस्पताल में आए दिन अव्यवस्थाओं की शिकायतें आम होती जा रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि लिफ्ट खोलने में थोड़ी और देरी हो जाती, तो पॉइजन पीड़ित मरीज के साथ कोई अनहोनी हो सकती थी। इस घटना ने अस्पताल की मेंटेनेंस व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की पोल खोल दी है। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन नागरिकों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।