भोपाल, सुबोध त्रिपाठी। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खरीफ फसल की बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में राज्य सरकार ने एक बेहद संवेदनशील और बड़ा फैसला लिया है। किसानों की जरूरतों और खेती-किसानी के सीजन को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स को विशेष निर्देश जारी किए हैं। नए निर्देशों के तहत अब किसानों को ट्रैक्टर या अन्य कृषि वाहन के बिना भी ड्रम, पिपिया या केनों में डीजल और पेट्रोल आसानी से मिल सकेगा।

आमतौर पर सुरक्षा कारणों और अवैध भंडारण को रोकने के लिए पेट्रोल पंपों पर बिना वाहन के खुले में ईंधनों की बिक्री पर प्रतिबंध रहता है, जिससे बुवाई के समय किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार किसानों को अपने दूर-दराज के खेतों में चलने वाले कृषि उपकरणों (जैसे थ्रेशर, पंप सेट या अन्य मशीनरी) के लिए ईंधन लेने ट्रैक्टर लेकर जाना पड़ता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था। इसी व्यावहारिक समस्या को देखते हुए सरकार ने कलेक्टर्स को निर्देशित किया है कि वे जिला स्तर पर खाद्य विभाग और राजस्व अधिकारियों को मुस्तैद करें, ताकि पेट्रोल पंप संचालक किसानों को बिना वाहन के भी खेती के कार्य हेतु पात्रता अनुसार डीजल-पेट्रोल उपलब्ध कराएं। सरकार के इस कदम से बुवाई के संकटपूर्ण समय में किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और कृषि कार्यों में तेजी आएगी।

Govt Order