नई दिल्ली, 13 मई । दिल्ली पुलिस के एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (एएटीएस), पूर्वी जिले ने वाहन चोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कुख्यात और आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी विजय पाल के कब्जे से तीन चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। इस सफलता से पूर्वी जिले में दर्ज तीन वाहन चोरी के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा हो गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी विजय पाल (24 वर्ष), निवासी राजबीर कॉलोनी, दिल्ली, पहले भी वाहन चोरी और झपटमारी के छह आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। वह आदतन ऑटो-लिफ्टर और झपटमार के रूप में जाना जाता है। 12 मई 2026 को राजबीर कॉलोनी इलाके में संदिग्ध व्यक्ति की आवाजाही की खुफिया जानकारी मिलने पर एएटीएस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व वाली टीम ने मोटरसाइकिल पर सवार विजय पाल को रोका। तलाशी के दौरान पकड़ी गई मोटरसाइकिल चोरी की निकली।

पूछताछ में आरोपी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर दिल्ली के विभिन्न इलाकों से दो स्कूटी भी बरामद की गईं। बरामद वाहनों में एक मोटरसाइकिल और दो स्कूटी शामिल हैं।

एएटीएस/पूर्वी जिले की टीम ने लगातार निगरानी, सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण, स्थानीय खुफिया जानकारी और रणनीतिक फील्ड ऑपरेशन के जरिए यह सफलता हासिल की। टीम में एसआई विक्रम सिंह, एएसआई राजीव, एएसआई दीपक त्यागी, हेड कांस्टेबल संदीप, हेड कांस्टेबल कृष्ण, हेड कांस्टेबल विक्रांत और हेड कांस्टेबल अश्विनी शामिल थे। पूरे ऑपरेशन की निगरानी एएसपी पवन कुमार ने की।

आरोपी का तरीका काफी साधारण लेकिन प्रभावी था। वह मुख्य रूप से रिहायशी कॉलोनियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर बिना निगरानी वाले दोपहिया वाहनों को निशाना बनाता था। चोरी के वाहनों और मोबाइल फोनों को स्थानीय खरीदारों को बेचकर मिले पैसे से वह अपनी शराब की लत पूरी करता था। उसकी गतिविधियां नशे की लत और आदतन अपराधिक प्रवृत्ति से प्रेरित थीं।

अतिरिक्त उपायुक्त (पूर्वी जिला) सृष्टि पांडे, आईपीएस ने कहा कि पुलिस लगातार सक्रिय अपराधियों पर नजर रखे हुए है और जनता की संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को लॉक करके पार्क करें, सुरक्षा चेन का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना निकटतम पुलिस स्टेशन या 112 पर दें। आगे की जांच में आरोपी के अन्य सहयोगियों और चोरी की अतिरिक्त संपत्ति का पता लगाने का प्रयास जारी है।