गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई और स्थानीय राजनीति के बीच तनातनी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के कड़े निर्देशों के बाद एक्शन में आए जिला प्रशासन पर स्थानीय भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य का तंज भरा बयान प्रशासनिक व राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
सिंधिया का फरमान और कलेक्टर का एक्शन
दशहरे से पहले शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अधिकारियों की बैठक लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे। मंत्री के निर्देश मिलते ही कलेक्टर और जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। शहर के विभिन्न वार्डों में नालियों और प्रमुख रास्तों पर बने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर सफाई अभियान शुरू किया गया।
मंच से बोले विधायक — "अतिक्रमण तोड़ रहे थे, फिर ऊपर से घंटी बज गई"
प्रशासनिक बुलडोजर कार्रवाई के बीच अपने बेबाक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने नगर पालिका द्वारा आयोजित एक शासकीय शिविर के दौरान कलेक्टर की कार्यशैली पर चुटीले अंदाज में कटाक्ष किया। विधायक ने मंच से कहा, "अपने जिले में तो जिलाधीश महोदय बड़े मेहरबान हैं, जब चाहे कैंप लगवा देते हैं। कल वो शहर में सफाई करा रहे थे और अतिक्रमण तोड़ रहे थे, फिर अचानक ऊपर से घंटी बज गई कि ये क्या कर रहे हो?" शिविर में रविवार के दिन कार्यक्रम आयोजित करने और हितग्राहियों की कम संख्या पर जब पत्रकारों ने 'संडे' को लेकर सवाल पूछा, तो विधायक ने सख्त लहजे में कहा, "हमें नहीं मालूम संडे-मंडे क्या होता है। आज तो रविवार और इतवार है। मेरे सामने अंग्रेजी मत झाड़ो, हमेशा हिंदी में ही बात किया करो।"
पहले भी कलेक्टर पर साध चुके हैं निशाना
यह पहला मौका नहीं है जब विधायक पन्नालाल शाक्य ने जिला प्रशासन और कलेक्टर की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल उठाए हों। इससे पूर्व भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम में विधायक ने कलेक्टर को मुखातिब होते हुए तल्ख अंदाज में कहा था कि लोग आपकी तारीफों के कसीदे पढ़ रहे हैं और सांसद बनने की बात कह रहे हैं, लेकिन सांसद बाद में बनना, पहले गुना की जमीनी हकीकत बदलकर धरातल पर कुछ ठोस काम करके दिखाओ। उन्होंने गुनिया नदी की सफाई का जिक्र करते हुए कलेक्टर को हिदायत दी थी कि भोपाल और दिल्ली से बड़े-बड़े फोन आएंगे, लेकिन किसी रसूखदार के दबाव में आए बिना परिणाम देना होगा।











