नई दिल्ली, 13 मई । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने चयन समिति की सिफारिश के आधार पर कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रवीण सूद का केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) निदेशक के रूप में कार्यकाल 24 मई 2026 के बाद एक साल के लिए बढ़ाने को मंजूरी दे दी है।
प्रवीण सूद ने 25 मई 2023 को सीबीआई निदेशक के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। तब उन्होंने दो साल की अवधि के लिए सीबीआई निदेशक का पदभार संभाला था। मई 2025 में उनको एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था और अब उन्हें एक बार फिर से सेवा विस्तार दिया गया है। अब वह इस पद पर मई 2027 तक बने रहेंगे।
प्रवीन सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। सीबीआई निदेशक बनने से पहले वह कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में कार्यरत थे। उनका जन्म 1964 को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में हुआ था।
मंगलवार को अगले सीबीआई निदेशक की नियुक्ति को लेकर पीएमओ में बैठक हुई थी। इस बैठक में मुख्य न्यायाधीश और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि इस बैठक में उनके सेवा विस्तार को लेकर फैसला लिया गया।
हालांकि, राहुल गांधी ने सीबीआई निदेशक की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया था और सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को लिखे एक पत्र को साझा किया था। उन्होंने कहा था कि यह प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण है और वह इसमें शामिल होकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकते।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पत्र साझा करते हुए लिखा, ''मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई निदेशक चयन प्रक्रिया पर अपना विरोध दर्ज कराया है। मैं एक पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया में शामिल होकर अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं छोड़ सकता। नेता प्रतिपक्ष कोई रबर स्टैंप नहीं है।''

