छतरपुर नगर पालिका का 'तुगलकी फरमान', 500 से सीधे 60 हजार किया टैक्स; भड़के शहरवासी

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छतरपुर,संजय अवस्थी । नगर पालिका परिषद छतरपुर द्वारा कचरा संग्रहण शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी के खिलाफ शहर के विभिन्न वर्गों में आक्रोश फैल गया है। मेडिकल क्षेत्र, होटल, मैरिज हाउस, स्कूल-कॉलेज संचालकों सहित शहरवासियों ने आज कलेक्टर कार्यालय में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर इस फैसले का विरोध किया और तत्काल सुधार की मांग की है।
पिछले वर्ष जहां घरेलू या छोटे स्तर पर कचरा शुल्क मात्र 500 रुपये प्रतिवर्ष था, वहीं अब इसे 60,000 रुपये तक बढ़ा दिया गया है। कुछ संस्थाओं पर तो 1 लाख 20 हजार रुपये तक का बोझ डाला गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह वृद्धि किसी भी रूप से न्यायसंगत नहीं है और इसे जजिया कर की संज्ञा दी जा रही है।
डॉ. एमपीएन खरे ने बताया कि नगर पालिका ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों, दुकानों और घरों से कचरा एकत्रित करने के नाम पर यह अतिरिक्त कर थोप दिया है। उन्होंने कहा, महंगाई बढ़ रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कर की दरों में इतनी जबरदस्त वृद्धि की जाए। हम इस आदेश के तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो छतरपुर की जनता सड़कों पर उतरकर नगर पालिका का विरोध करेगी।
होटल मालिक भगवतशरण अग्रवाल ने कहा कि पहले होटलों से मासिक 500 रुपये का चार्ज लिया जाता था, लेकिन अब वार्षिक 60 हजार रुपये कर दिया गया है। उन्होंने इसे मुगलों के शासन की तरह तानाशाही करार देते हुए कहा कि नई दरें न्यायसंगत नहीं हैं और शासन से इन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। नगर पालिका की इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कॉलेज संचालक नितिन पटैरिया ने बताया कि स्कूल-कॉलेजों पर कर की दर 120 गुना तक बढ़ा दी गई है। पहले से ही बिल्डिंग पर टैक्स दिया जा रहा है, अब इस अतिरिक्त बोझ से संस्थानों की कमाई भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
मैरिज गार्डन संचालक अजय लाल ने भी कलेक्टर को ज्ञापन देकर अवगत कराया कि अप्रत्याशित वृद्धि से खर्चे निकालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मांग की कि कर में थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन इतनी बड़ी छलांग उचित नहीं है। नगर पालिका को लोगों की आर्थिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए। शहरवासियों का कहना है कि यदि नगर पालिका ने जल्द ही इस फैसले को संशोधित नहीं किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा है
