उत्तर प्रदेश सरकार आज एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत 470 खिलाड़ियों को यूपी पुलिस में नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। इनमें 43 उप निरीक्षक, 295 आरक्षी और 132 पीएसी आरक्षी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस जानकारी को साझा करते हुए कहा कि प्रदेश में नई खेल संस्कृति विकसित हो रही है। इसका मकसद मैदान की मेधा को सम्मान देना, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें राष्ट्र सेवा का अवसर उपलब्ध कराना है।


उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का एक विशेष रास्ता कुशल खिलाड़ी कोटा के रूप में मौजूद है। इसी कोटे के तहत खेल के मैदान में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में जगह दी जा रही है। आज दिए जा रहे इन नियुक्ति पत्रों में सबसे बड़ी संख्या आरक्षी पदों की है। 295 खिलाड़ियों को आरक्षी बनाया जा रहा है, जबकि 132 खिलाड़ी पीएसी में आरक्षी के पद पर नियुक्त होंगे और 43 खिलाड़ियों को उप निरीक्षक का पद मिलेगा। इन तीनों पदों को मिलाकर कुल 470 नियुक्तियां पूरी हो रही हैं।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 2017 के बाद से प्रदेश में खेल प्रतिभाओं के लिए सरकारी सेवा के द्वार खोले गए हैं। डबल इंजन सरकार ने खिलाड़ियों को रोजगार के साथ सुरक्षित भविष्य से जोड़ने का काम किया है। विभिन्न सरकारी विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की सीधी भर्ती की जा चुकी है। यह सिलसिला अभी थमा नहीं है। यूपी पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। आज बांटे जा रहे नियुक्ति पत्र इसी कड़ी का हिस्सा हैं।


सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में नई खेल संस्कृति का विकास हो रहा है। मैदान की मेधा का सम्मान, प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाना और उन्हें राष्ट्र सेवा का मौका देना इस संस्कृति का मूल उद्देश्य है। खिलाड़ियों को खाकी पहनाने का यह कदम न सिर्फ उनकी मेहनत को मान्यता देता है बल्कि युवाओं को खेल की ओर आकर्षित करने का संदेश भी देता है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह प्रयास खेल और राष्ट्र सेवा को एक साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।