नई दिल्ली, 15 मई । पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। इस बीच भाजपा एनडीए सहयोगी दलों के नेताओं ने कहा कि वैश्विक संकट और युद्ध की परिस्थितियों के बावजूद भारत में जनता पर कम से कम बोझ डालने की कोशिश की गई है। भाजपा के राज्यसभा सदस्य गुलाम अली खटाना ने आईएएनएस से कहा कि भारत के पड़ोसी देशों की तुलना में यहां ईंधन की कीमतों में बहुत कम बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने कहा, "कुछ देशों में कीमतें 25 प्रतिशत तक बढ़ी हैं, कहीं 40 प्रतिशत और कहीं 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। यह सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेहतर मैनेजमेंट क्षमता का परिणाम है कि भारत में जनता पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ने दिया गया।"

गुलाम अली खटाना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूरी कैबिनेट, खासकर ऊर्जा मंत्रालय, लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि लोगों को राहत मिल सके।

गुलाम अली खटाना ने यह भी कहा कि 2014 के बाद भारत ने दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। भारत अब संकट से निकलकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ, अमेरिका, रूस और मध्य-पूर्व के देश अब भारत में निवेश करना चाहते हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और नेतृत्व का असर है।

राज्यसभा सदस्य मेधा कुलकर्णी ने प्रधानमंत्री मोदी की 'वर्क फ्रॉम होम' और ईंधन बचाने की अपील का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सात महत्वपूर्ण अपीलें की हैं, क्योंकि पूरी दुनिया इस समय बड़े संकट से गुजर रही है।

उन्होंने कहा, "यह केवल भारत की समस्या नहीं है। दुनिया के कई देश इस संकट से प्रभावित हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से सहयोग की अपील की है।"

वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार ने बेहद मजबूरी और कठिन परिस्थितियों में यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ रही हैं और इसी वजह से महंगाई भी बढ़ रही है। खाड़ी क्षेत्र में युद्ध चल रहा है, जहां से तेल की सप्लाई होती है। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।"

इसी बीच, भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने भी कहा कि अमेरिका, ईरान, इजरायल और खाड़ी क्षेत्र के संघर्षों की वजह से दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने कहा, "दुनिया के कई देशों में ईंधन और गैस की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं, लेकिन भारत में केवल 3 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। भारत सरकार की कोशिश है कि आम जनता पर कम से कम बोझ पड़े।"