दादा को खाना देने गया था मासूम, वन्य जीवों ने निगल ली जि़ंदगी

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पन्ना(अमित सिंह)। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में टाइगर रिज़र्व में बढ़ती जानवरो की संख्या बफर से सटे इलाके के लिए खतरा बन गया है ताजा मामला पन्ना टाइगर रिजर्व से लगे ग्राम पंचायत जरधोबा का है, जहाँ देर रात एक अज्ञात जंगली जानवर ने 10 वर्षीय बालक देव आदिवासी (पिता - बहादुर आदिवासी) पर हमला कर उसको शिकार बना के खा लिया और उसके शरीर के कई अंग जैसे सिर अलग एवं शरीर छत विचित अवस्था में जंगल से लगे खेत में डाला हुआ मिला है
वीओ -जानकारी के अनुसार देव रोज की तरह अपने परिवार के साथ अपनी फसल की रखवाली के लिए खेत में बनी अस्थाई झोपड़ी में रह रहा था, और परिवार के दादा परिजन पास ही दूसरी झोपड़ी में मौजूद थे।तभी देव रात को बाबा को खाना देने जा रहा था तभी रात के अंधेरे में वन्यजीव ने बच्चे पर हमला कर उसके शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया और कई अंगों को अपना शिकार बनाकर शव को वहीं छोड़कर फरार हो गया।
सुबह मंजर देखकर टूट गए परिजन, गांव में मातम
जब सुबह परिजन बच्चे की झोपड़ी तक पहुँचे नही मिला तो तलास करते समय दृश्य देख वे स्तब्ध रह गए। मासूम का शव अलग-अलग अवस्था में पड़ा था। इस हृदयविदारक दृश्य के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम छा गया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में भय का माहौल बन गया और ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
बफर जोन में दहशत, टाइगर रिजर्व की कार्यप्रणाली पर सवाल
घटना के कुछ घंटों बाद पन्ना टाइगर रिजर्व के आला अधिकारी मौके पर पहुँचे और प्रारंभिक जांच शुरू की। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आता है और गांव से कुछ ही दूरी पर कोर जोन स्थित है, जिससे बाघों की आवाजाही बनी रहती है।
ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में भी भालू के हमलों में लोग घायल हो चुके हैं और कुछ की मौत भी हुई है। ऐसे में इस घटना ने एक बार फिर पन्ना टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारी बजट और निगरानी व्यवस्था के बावजूद लगातार हो रही घटनाएं रिजर्व प्रबंधन की लापरवाही को उजागर कर रही हैं।
