दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय संगठन ने शुक्रवार को अपने अधिकृत उम्मीदवार के नाम का एलान कर सबको चौंका दिया है। पार्टी ने पूर्व संभागीय संगठन मंत्री और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के पूर्व चेयरमैन (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। भाजपा की यह लिस्ट दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सजा पर रोक लगाने से इनकार किए जाने के ठीक बाद सामने आई है। इस चौंकाने वाले फैसले के साथ ही पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कट गया है, जो चुनाव की तारीखों का एलान होते ही क्षेत्र में पूरी ताकत से तैयारियों में जुट गए थे।


List



सेवढ़ा से टिकट मांग रहे थे आशुतोष तिवारी, संगठन में रही है मजबूत पकड़

दतिया के चुनावी रण में उतारे गए भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है। उन्होंने वर्ष 2023 के मुख्य विधानसभा चुनाव के दौरान सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट के लिए दावेदारी पेश की थी, लेकिन तब पार्टी ने वह टिकट प्रदीप अग्रवाल को सौंप दिया था। आशुतोष तिवारी भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री के रूप में संगठन में अपनी मजबूत पकड़ साबित कर चुके हैं। इसके अलावा, वे शिवराज सरकार के कार्यकाल में मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन भी रह चुके हैं, जहाँ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था। अब पार्टी ने उन पर दतिया उपचुनाव फतह करने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।


नामांकन फॉर्म खरीद चुके थे नरोत्तम, मंच से मांगी थी 'गलतियों' के लिए क्षमा

भाजपा उम्मीदवार के नाम की घोषणा होने से पहले तक पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ही चुनावी मैदान संभाल रहे थे। उन्होंने बुधवार को ही नामांकन फॉर्म खरीद लिया था और शुक्रवार को उनके द्वारा फॉर्म दाखिल करने की पुरजोर चर्चाएं थीं। उपचुनाव की घोषणा होते ही डॉ. मिश्रा लगातार आमसभाएं कर रहे थे। अपनी पहली सभा में ठंडी सड़क पर छोटे फुब्बारे के पास उन्होंने भावुक होते हुए जनता से कहा था, "मुझसे जो पूर्व में गलती हुई है, उसे क्षमा करें। मैं अपने आचार-विचार में परिवर्तन लाया हूं। अगर आप मेरे घर आते हैं तो विश्वास रखिए मैं खड़ा रहूंगा और आपको बैठाऊंगा।"

इसके बाद रावतपुरा कॉलेज की दूसरी सभा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा था कि कांग्रेस जो 70 करोड़ की खरीद-फरोख्त की बात कह रही है, भाजपा रद्दी माल नहीं लेती है। उन्होंने यह भी कहा था कि उनके पास केंद्रीय मंत्री का पीए आया था, लेकिन कांग्रेस आज तक बता नहीं सकी कि वह कौन सा पीए था। तमाम तैयारियों के बावजूद ऐन वक्त पर पार्टी ने उनका टिकट काट दिया है।


दतिया में अब तक 13 फॉर्म बिके, उधर सुप्रीम कोर्ट से राजेंद्र भारती को झटका

दतिया उपचुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज है। अब तक यहाँ चुनाव लड़ने के लिए कुल 13 लोगों ने नामांकन फॉर्म खरीदे हैं, जिनमें से 4 उम्मीदवारों ने अपने फॉर्म जमा भी कर दिए हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस खेमे के लिए भी शुक्रवार का दिन बड़ा झटका लेकर आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। इस अदालती झटके के बीच राजेंद्र भारती ने टिकट को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर पार्टी चाहे तो उनके परिवार के बजाय किसी अन्य स्थानीय नेता को उम्मीदवार बना सकती है। कांग्रेस जिस भी प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी, वे उसके समर्थन में अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे और चुनाव प्रचार करेंगे।


कौन हैं आशुतोष तिवारी, जिन्हें भाजपा ने मैदान में उतारा

नवनियुक्त उम्मीदवार आशुतोष तिवारी मध्य प्रदेश भाजपा के एक प्रमुख और बेहद प्रभावशाली चेहरे माने जाते हैं। उनके पास संगठन और प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है। वे मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने ग्वालियर संभाग के संगठनात्मक मंत्री के रूप में भी जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आशुतोष तिवारी की प्रशासनिक कार्यकुशलता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने पूर्व में उन्हें कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना मंडल (एमपी हाउसिंग बोर्ड) के अध्यक्ष पद की बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी थी। इस पद पर रहते हुए उन्होंने प्रदेश में आवास और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किए। दतिया से उनकी उम्मीदवारी तय होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, वहीं राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि तिवारी का पुराना संगठनात्मक अनुभव और ग्वालियर-चंबल संभाग में उनकी मजबूत पकड़ इस उपचुनाव में काफी निर्णायक साबित होगी।