भोपाल, जीतेन्द्र यादव। दतिया विधानसभा उपचुनाव के एलान के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह तैर रहा है कि क्या पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर यहां से चुनाव मैदान में उतरेंगे? इस बढ़ती जिज्ञासा और सस्पेंस के बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का एक महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। नरोत्तम मिश्रा को टिकट मिलने के कयासों पर बोलते हुए खंडेलवाल ने स्थिति स्पष्ट की और कहा कि नरोत्तम मिश्रा हमारी पार्टी के बेहद वरिष्ठ नेता हैं। वे पहले भी दतिया से चुनाव लड़ चुके हैं और क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे हैं।
कैसे तय होगा दतिया का उम्मीदवार? दिल्ली से होगा अंतिम फैसला
पूर्व गृह मंत्री को टिकट मिलने या न मिलने की इस राजनीतिक उत्सुकता के बीच प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा की टिकट वितरण प्रक्रिया की जानकारी भी साझा की। हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि उम्मीदवार के चयन को लेकर एक तय प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। जब प्रदेश नेतृत्व से केंद्रीय नेतृत्व द्वारा संभावित उम्मीदवारों के नाम मांगे जाएंगे, तब यहां से नाम भेजे जाएंगे। इसके बाद, दतिया सीट से किसे प्रत्याशी बनाया जाए और किसे टिकट दिया जाए, इस पर अंतिम और सर्वमान्य फैसला केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही किया जाएगा।
'हम हर चुनाव के लिए हमेशा तैयार', संगठनात्मक मजबूती का दावा
टिकटों के सस्पेंस के साथ-साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन की जमीनी मजबूती को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की हर महीने बूथ, मंडल और जिला स्तर पर नियमित बैठकें होती रहती हैं, जिसके चलते हमारा संगठन हमेशा चुनावी मोड में रहता है। हेमंत खंडेलवाल ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि हम हर चुनाव के लिए हमेशा पूरी तरह से तैयार रहते हैं और हमें किसी भी चुनाव के लिए अलग से किसी बड़ी या नई तैयारी की कोई आवश्यकता नहीं होती है। बहरहाल, प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद दतिया की जनता और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच नरोत्तम मिश्रा के नाम को लेकर जिज्ञासा और ज्यादा गरमा गई है।



