छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से सरकारी नौकरी में दिव्यांगता के गलत इस्तेमाल का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय, छतरपुर द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश (क्रमांक/स्था.3/दिव्यांग/नियु.निर./2026/5475) के अनुसार, प्राथमिक शिक्षक के पद पर कार्यरत सुरेन्द्र पटेल की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।


क्या है पूरा मामला?

दस्तावेजों के अनुसार, दमोह जिले के बटियागढ़ (ग्राम लुकायन) के रहने वाले सुरेन्द्र पटेल पिता ऋषि कुमार पटेल, रोल नंबर 22769673 को 30 मार्च 2023 को दिव्यांगता श्रेणी 'HH' (श्रवण बाधित) के अंतर्गत शासकीय केन्द्रीय प्राथमिक शाला बक्सवाहा (जिला छतरपुर) में प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्त किया गया था। नियुक्ति नियमों के तहत उनका मेडिकल बोर्ड से पुनः परीक्षण कराया जाना था।


जांच में खुली पोल: 40% की जगह निकली सिर्फ 23% दिव्यांगता

  • मेडिकल बोर्ड को रेफरल: जिला मेडिकल बोर्ड छतरपुर ने जुलाई 2024 में सुरेन्द्र पटेल को गहन जांच के लिए संभागीय मेडिकल बोर्ड, सागर रेफर किया था।
  • जांच रिपोर्ट में 'अनफिट': 18 जून 2026 को क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें (सागर संभाग) द्वारा प्रस्तुत प्रमाणीकरण रिपोर्ट में पाया गया कि सुरेन्द्र पटेल की श्रवण बाधिता (hearing impairment) केवल 23 प्रतिशत है।
  • नियमों का उल्लंघन: सरकारी नियमों और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत, दिव्यांग श्रेणी में आरक्षण या लाभ पाने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता होना अनिवार्य है। 23% दिव्यांगता होने के कारण उन्हें शासकीय सेवा के लिए 'अनफिट' (अपात्र) घोषित कर दिया गया।


सुनवाई में नहीं दे पाए संतोषजनक जवाब

विभागीय कार्रवाई के तहत अभ्यर्थी सुरेन्द्र पटेल को 29 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने (सुनवाई का) अवसर दिया गया था। हालांकि, वे अपनी दिव्यांगता के संबंध में कोई भी ठोस या संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके और उनका जवाब अमान्य कर दिया गया।


DEO ने जारी किया बर्खास्तगी का आदेश

छतरपुर के डिप्टी कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी कौशल सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि न्यूनतम पात्रता न रखने के कारण सुरेन्द्र पटेल को पद पर बनाए रखना पूरी तरह से अवैधानिक है। अतः लोक शिक्षण संचालनालय, मध्य प्रदेश के निर्देशों का पालन करते हुए उनकी प्राथमिक शिक्षक पद पर की गई नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त (बर्खास्त) कर दिया गया है।


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