धरमजयगढ़ (छत्तीसगढ़) रोहित तिर्की। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के कमोशिनदाड़ गांव से दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। गांव के दिव्यांग निवासी गणेश आज भी शासन की दिव्यांग सहायता योजना के तहत मिलने वाली ट्राइसाइकिल से वंचित हैं। मजबूरी ऐसी है कि उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए सड़क पर घिसट-घिसटकर चलना पड़ रहा है।


गणेश का आरोप है कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन उनकी समस्या पर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। सहायता नहीं मिलने के कारण उनका दैनिक जीवन बेहद कठिन हो गया है और सामान्य आवागमन भी उनके लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।


मामले की जानकारी तब सामने आई, जब गणेश रास्ता भटककर बस स्टैंड की ओर पहुंच गए। वहां से वे मुख्य सड़क के किनारे बड़ी मुश्किल से घिसटते हुए जनपद पंचायत की दिशा में जा रहे थे। इसी दौरान मीडिया की नजर उन पर पड़ी और उनकी पीड़ा उजागर हुई।


इस घटना ने दिव्यांगजन कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में कितनी शीघ्रता से संज्ञान लेकर गणेश को ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराते हैं तथा उनकी शिकायत की जांच कर जिम्मेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हैं।