छतरपुर, विनोद मिश्रा। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला अधिवक्ता संघ ने न्यायालय की गरिमा और पेशेवर आचार संहिता के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए दो अधिवक्ताओं के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। संघ ने दोनों अधिवक्ताओं की जिला न्यायालय से सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंगलवार को जिला न्यायालय परिसर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस कड़े फैसले की विधिवत जानकारी सार्वजनिक की।


वरिष्ठ वकील पर दुष्कर्म व SC-ST एक्ट का केस, नोटरी वकील भी लपेटे में

संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता इम्तियाज सिद्दीकी के खिलाफ उनके अधीन कार्यरत एक जूनियर महिला अधिवक्ता ने दुष्कर्म सहित कई गंभीर और संगीन आरोप लगाए थे। पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने पूर्व में ही इम्तियाज सिद्दीकी के खिलाफ दुष्कर्म और एससी-एसटी (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।


पत्रकार वार्ता में खुलासा किया गया कि इम्तियाज सिद्दीकी और संबंधित जूनियर महिला अधिवक्ता के बीच कथित तौर पर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने तथा वैवाहिक अनुबंध से जुड़े दस्तावेज तैयार कराए गए थे। इन विवादित और अनैतिक दस्तावेजों का प्रमाणीकरण (नोटरी) अधिवक्ता शकुंतला अहिरवार द्वारा किया गया था।


संघ की अनुमति के बिना हुआ अनुबंध, दोनों की सेवाएं समाप्त

पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वैवाहिक अनुबंध व अन्य संबंधित विधिक प्रक्रियाएं जिला अधिवक्ता संघ के नियमों और अनुमति के विपरीत निष्पादित की गई थीं। मामले की संवेदनशीलता, न्यायिक मर्यादा और अधिवक्ताओं की साख को पहुंचे नुकसान को देखते हुए संघ की विशेष बैठक आहूत की गई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मुख्य आरोपी अधिवक्ता इम्तियाज सिद्दीकी और दस्तावेजों की नोटरी करने वाली अधिवक्ता शकुंतला अहिरवार की जिला न्यायालय छतरपुर से सेवाएं पूरी तरह समाप्त करने का फैसला लिया गया।


नशे में कोर्ट आने वालों को सख्त चेतावनी, मर्यादा से समझौता नहीं

जिला अधिवक्ता संघ ने इस दौरान न्यायालय की गरिमा और वकीलों की आचार संहिता को लेकर कड़ा रुख जाहिर किया। संघ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि न्यायिक व्यवस्था की पवित्रता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में कोई भी अधिवक्ता शराब के नशे में न्यायालय परिसर में प्रवेश करता है या नशे की हालत में न्यायिक पैरवी अथवा अन्य कामकाज करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी रियायत के संघ स्तर पर कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।


प्रेस वार्ता में मौजूद रहा अधिवक्ता संघ का शीर्ष नेतृत्व

पत्रकार वार्ता के दौरान जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह, सचिव अनिल दुबे, उपाध्यक्ष लखन दुबे, महिला उपाध्यक्ष रश्मि यादव, कोषाध्यक्ष आशीष पटैरिया और कार्यकारिणी सदस्य रविंद्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ व कनिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे। संघ के इस कड़े कदम की न्यायालय परिसर और विधिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है।